जौनपुर। शब-ए-बरात का पर्व शुक्रवार को मनाया जाएगा। इस मौके पर मुस्लिम समाज के लोग अपने पूर्वजों की कब्रिस्तानों पर जाकर फातेहा पढ़ेंगे। रात में घरों और मस्जिदों में नफिल नमाज पढ़ी जाएगी। अगले दिन रोजे भी रखे जाएंगे। शब-ए-बरात के पर्व को देखते हुए कब्रिस्तानों की साफ सफाई भी की गई है।
खेतासराय नगर के मदरसा अहले सुन्नत एजाजुल उलूम के मौलाना खालिद मिस्बाही ने बताया कि शब-ए-बरात एक अरबी शब्द है, जिसका अर्थ होता है गुनाहों से छुटकारे की रात। यह पर्व अरबी महीना शाबान की 14 का दिन गुजार के 15वीं की रात में मनाया जाता है। इस बार यह दिन शुक्रवार को पड़ रहा है। मौलाना ने बताया कि इस रात बंदों को खूब इबादत करनी चाहिए और अगले दिन रोजा रखना चाहिए। अपने पूर्वजों के लिए कब्रों पर जाकर और घरों में फातेहा पढ़कर सवाब पहुंचाना चाहिए। इस रात आतिशबाजी जैसी फजूलखर्ची से दूर रहना चाहिए।