हालत बिगड़ने पर वकील वनवासी की मां अमृता(56) व चचेरे भाई संतलाल(70) को देर रात स्थानीय सीएचसी में भर्ती कराया गया। जहां कुछ आराम मिलने पर दोनों बिना बताए घर चले गए। बाद में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार को संतलाल को जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
मुंगराबादशाहपुर सीएचसी के आरपी सिंह प्रभारी चिकित्साधिकारी ने बताया कि तीनों बच्चों की मौत फूड प्वाईजनिंग से मौत हुई है। मिठाई खराब हो गई थी, जिसे लोगों ने खा लिया था।
समय से आते तो बचाई जा सकती थी जान
प्रभारी चिकित्साधिकारी आरपी सिंह का कहना है कि यदि बच्चों की तबीयत बिगड़ने बाद अस्पताल ले आया जाता तो जान बचाई जा सकती थी। वहीं, ग्राम प्रधान चंद्रेश गुप्ता का कहना है कि परिजनों ने घटना को छिपाए रखा। जानकारी मिलने पर फौरन मदद की गई। सरकार से परिजनों को कुछ मदद मिल सके ।इसके लिए कोशिश की जा रही है।