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महंगाई से बदला रसोई का स्वाद, भवन निर्माण के कार्य पर भी असर

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जौनपुर। महंगाई का असर हर तबके के लोगों पर है। चाहे वह आम आदमी हो या फिर व्यवसायी। सभी महंर्गाई के कारण परेशान हैं। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि दैनिक उपयोग की वस्तुओं से लेकर लगायत शादी विवाह और त्योहारों की रौनक भी फीकी पड़ने लगी है। खाने के सामानों से गुलजार रहने वाला रसोई का भी स्वाद बदल गया है। लोग वही सामान खरीद रहे हैं, जो बहुत जरूरी हैं। महंगाई का असर व्यवसाय पर भी पड़ा है। कारोबारी दुकानों में क्षमता से काफी कम सामान रख रहे हैं। पेट्रोल व डीजल महंगे होने से लोग जरूरत के अनुसार ही वाहन चला रहे हैं। भवन निर्माण सामग्री के दाम भी बढ़ जाने से लोगों ने घर बनवाना कम कर दिया है।
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इस समय नवरात्र चल रहा है। दशहरा और दीपावली का पर्व भी नजदीक है। लोग त्योहार मनाने की तैयारी में जुटे हैं, लेकिन त्योहार मनाने की तैयारी पर महंगाई का असर भी है। इस समय पेट्रोल का दाम बढ़कर 102.24 रुपये प्रति लीटर और डीजल का दाम बढ़कर 94.24 रुपये प्रति लीटर हो गया है। इससे वाहनों की टंकियां फुल कराने से लोग परहेज कर रहे हैं। जरूरी होने पर ही लोग वाहन लेकर सड़कों पर निकल रहे हैं। शाहगंज नगर में संचालित एकलान मैरेज हाल के संचालक गुलाम साबिर बताते हैं कि भीषण महंगाई के चलते 60 हजार के पैकेज को 30 से 35 हजार करने के बाद भी बुकिंग नहीं हो पा रही है। तिलक, बरच्छा, जन्मदिन आदि छोटे कार्यक्रमों में भी लोग आठ से 15 हजार तक में ही सीमित हो जा रहे हैं। एसके इच्छापूर्ति सर्विस स्टेशन के अधिष्ठाता विशाल जायसवाल का कहना है कि ट्रांसपोर्ट की गाड़ियां चलाने की मजबूरी है। रेट बढ़ने का सीधा असर बिक्री पर हो रहा है। वर्तमान समय बिक्री में 20 से 25 प्रतिशत की कमी हो गई है। सम्राट ट्रेडिंग कंपनी के अधिष्ठाता सेराज आतिश बताते हैं कि दीवाली में सबसे ज्यादा बिकने वाली चकरी, अनार, फुलझड़ी के दाम पिछले साल के दाम से 20 से 25 रुपए पैकेट तक बढ़े हैं। दीवाली को जगमग करने वाली बिजली की झालर और मोमबत्तियां भी महंगाई की मार से नहीं बच सकीं। 30 मीटर की झालर का दाम पिछली दिवाली में 110 रुपये था, जो इस बार 133 रुपये हो गया। उसके बाद भी गुणवत्ता नहीं है। रंगीन बल्ब की कीमत 40 से 55 रुपये हो गई। मोमबत्ती के दाम में काफी उछाल आया है। 125 रुपये में बिकने वाली मोमबत्ती का रेट 175 रुपये तक हो गया है।
बढ़ते डीजल - पेट्रोल के दाम से बिक्री पर गहरा असर पड़ा है। पहले कई वाहन स्वामी अपने वाहनों की टंकी बराबर फुल कराते थे। मजबूरी में अब 100 से 200 रुपये का ही पेट्रोल व डीजल भरवा रहे हैं। इससे पेट्रोल व डीजल की बिक्री में 20 से 25 प्रतिशत की कमी हुई है। - विशाल जायसवाल, पेट्रोल पंप संचालक
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मंहगाई की मार आतिशबाजी पर भी पड़ी है। महंगाई की मार पटाखों पर भी पड़ सकती है। महंगाई के कारण इस बार दीपावली पर्व पर घाटा होने की उम्मीद है। क्योंकि महंगाई के कारण लोग कम से कम पटाखा खरीदेंगे। हालांकि इस बार माल भी कम मंगाया जा रहा है। -सेराज आतिश, पटाखा कारोबारी चाइना लाइट और मोमबत्तियों के दाम आसमान छू रहे हैं। दिल्ली और वाराणसी से खरीद में लाइट में 25 से 30 रुपये और मोमबत्ती के दामों में 50 से 60 रुपये तक की तेजी है। इससे इस बार चाइना लाइट व मोमबत्तियां कम मंगाई जा रही हैं। इससे काफी नुकसान होगा, जबकि पहले लोग अधिक से अधिक चाइना लाइट व मोमबत्तियां खरीदते थे। - गुलाम कादिर, व्यवसायी
महंगाई के कारण अब शादियों को भी लोगों ने टालना शुरू कर दिया है, जबकि मैरेज हाल का पहले जितने रुपये में बुकिंग किया जा रहा था, अब 50 फीसदी कम में बुकिंग किया जा रहा है। इसके बावजूद लोग मैरेज हाल बुक नहीं कर रहे हैं। पहले लोग जन्म दिन मनाने सहित अन्य छोटे कार्यक्रमों के लिए भी बुकिंग कराते थे, लेकिन अब लोग घर पर ही कार्यक्रम कर ले रहे हैं। - गुलाम साबिर, मैरेज लान संचालक
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