जौनपुर विकास प्राधिकरण के गठन की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। प्राधिकरण में चार तहसीलों के 309 गांव शामिल होंगे। इन राजस्व गांवों का संबंधित तहसीलों से सत्यापन करके 20 सितंबर को सूचना निदेशालय भेज दी गई है। हालांकि वहां से कुछ बिंदुओं पर पुन: जानकारी मांगी गई है।
जौनपुर विकास प्राधिकरण की सीमा के लिए विनियमित क्षेत्र से आगे के गांव समाहित किए गए हैं। इसमें 309 गांव को शामिल किया गया है। इसमें शाहगंज तहसील के 59, सदर तहसील के 210, केराकत तहसील के 24 और मड़ियाहूं तहसील के 16 ग्राम शामिल हैं। ये गांव प्रयागराज रोड पर सीहीपुर से बढ़ाकर फतेहगंज (डीह जहानिया) तक, आजमगढ़ रोड पर केशवपुर से बिथार तक, बनारस रोड पर देवचंदपुर से इजरी तक, शाहगंज रोड पर सिद्दीकपुर से संपूर्ण नगर पंचायत खेतासराय तक, केराकत रोड पर धर्मापुर से सेवईनाला तक, लखनऊ रोड पर कुल्हनामऊ से बक्शा तक, मीरजापुर रोड पर रामदयालगंज से सुभाषपुर मड़ियाहूं तक लिया गया है। राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव का कहना है कि विकास प्राधिकरण के लिए शासन स्तर से अधिकारियों व कर्मचारियों को रखने का प्रस्तावित विवरण तैयार कर लिया गया है। अगर इसकी मंजूरी मिलती है तो प्राधिकरण में कुल 106 अधिकारियों व कर्मियों की तैनाती की जाएगी। जौनपुर विकास प्राधिकरण स्वायत्तशासी संस्था है। इसके तहत इसको शुरुआत में एकमुश्त धनराशि दे दी जाएगी, संस्था को इसके जरिए स्वयं से आय अर्जित करनी होगी। अधिकारियों व कर्मचारियों का वेतन भी निकालना होगा। जौनपुर विकास प्राधिकरण के गठन के लिए मैंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया था। इसके बाद से प्रक्रिया में तेजी आई है। शासन स्तर से कुछ बिंदुओं पर सूचनाएं मांगी गई है, जिसे अधिकारियों के स्तर से भेजी जा रही है। डीएम मनीष कुमार ने बताया कि जौनपुर विकास प्राधिकरण के गठन के लिए प्रस्ताव भेजा गया था। प्रक्रियाएं पूरी की जा रही है। कुछ बिंदुओं पर जानकारी पुन: मांगी गई है, जिसे रिवाइज करके भेजा जा रहा है।