फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मालगाड़ी पलटने की आवाज से दहला इलाका

विज्ञापन
विज्ञापन
श्री कृष्णा नगर रेलवे स्टेशन के पूरब 500 मीटर दूर उदपुर घाटमपुर गांव के पास सुल्तानपुर से वाराणसी की तरफ जा रही मालगाड़ी के 22 वैगन पलटने की आवाज से आसपास के क्षेत्र के लोग दहल गए। ग्रामीणों का कहना था कि आवाज इतनी तेज थी कि इलाके में लोग कुछ देर के लिए सहम गए। एक-एक कर भलुआही, हकारपुर, ऊदपुरघाटमपुर, रैभानीपुर, नेवादा मुखलिस आदि गांवों के लोग रेल पटरी की तरफ दौड़ पड़े। लोगों ने मौके पर जो कुछ भी दिखा, उससे एकबारगी लोग सहम गए। मालगाड़ी के वैगन के एक-एक पुर्जे पटरी के चारों तरफ बिखर गए थे। बोगी के पहिए भी छटक कर दूर जा गिरो थे।
विज्ञापन

---
प्रतिदिन की भांति बृहस्पतिवार को सुबह मार्निंग वाक के लिए निकले थे। जैसे ही कुछ दूर गए, रेलवे स्टेशन की तरफ से तेज आवाज सुनाई पड़ी तो वहीं ठहर गए। पता चला कि कोई ट्रेन पलट गई है। ट्रेन पलटने की बात सुनते ही सकते में आ गए। सोचा कि कहीं पैसेंजर ट्रेन न हो, इसलिए बचाव के लिए स्टेशन की तरफ भागने लगे। ऊदपुर घाटमपुर गांव के पास पहुंचने पर देखा तो मालगाड़ी पलटी हुई थी। पूछताछ में पता चला कि मालगाड़ी के लोको पायलट और गार्ड दोनों सुरक्षित हैं। -आदित्य प्रताप सिंह, रिटायर्ड कार्यालय अधीक्षक, रेल विभाग, भलुआही।
---
सुबह घर में ब्रश कर रहे थे। इस दौरान तेज धमाके की आवाज सुनाई पड़ी। अगल-बगल के लोगों से मैंने जानकारी की तो पता लगा के रेलवे पटरी की तरफ से आवाज आई है। उत्सुकता बस मैं भी घटना की जानकारी करने के लिए चल दिया। पता चला कि मालगाड़ी गांव के बगल पलट गई है। वहां मौके पर देखा तो अगल-बगल के काफी संख्या में लोग पहुंच गए थे। लोगों के मुंह से केवल यह सुनाई पड़ रहा था कि यदि पैसेंजर ट्रेन होती तो आज बड़ा हादसा हो सकता था। - भानुप्रताप यादव, ऊदपुर घाटमपुर।
विज्ञापन

---
सुबह 7 बज कर 54 मिनट पर तेज आवाज सुनाई दी। ऐसे लगा कि कहीं बम ब्लास्ट हुआ है। इधर-उधर लोगों से बातचीत करने लगा तो पता चला कि रेलवे स्टेशन श्री कृष्णा नगर की तरफ कोई हादसा हुआ है। उत्सुकता वश मैं भी रेलवे स्टेशन की तरफ चल दिया। मौके पर उदपुर घाटमपुर गांव के पास रेलवे लाइन पर देखा तो एक मालगाड़ी पलटी हुई थी। मालगाड़ी के डिब्बे बेपटरी हो गए थे। मौके पर भारी भीड़ थी। लोग एक दूसरे से यही कहते सुने जा रहे थे कि अगर पैसेंजर ट्रेन होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। भगवान का शुक्र है कि पैसेंजर ट्रेन का कोई हादसा नहीं हुआ। - डॉ. बीके बोस
---
सुबह मैं नहाने जा रहा था। जैसे ही हैंडपंप पर पहुंचा कि धमाके की बहुत तेज आवाज आई। आवाज इतनी तेज थी कि हमारे अगल-बगल सन्नाटा पसर गया। रेलवे लाइन की तरफ से आई आवाज सुनते ही मैं उधर दौड़ा। वहां देखा तो मालगाड़ी पलटी हुई थी। मौके पर अफरा-तफरी मची हुई थी। अगल-बगल गांव के काफी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए थे। लोग एक दूसरे से यही कह रहे थे कि काश पैसेंजर ट्रेन होती तो भारी हादसा हो सकता था।- मुन्ना लाल यादव, अधिवक्ता, घाटमपुर।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें