उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि लोकतंत्र सेनानी स्वर्गीय रमाशंकर उपाध्याय जीवन के अंतिम समय तक राष्ट्र के लिए समर्पित रहें। उनका 70 वर्ष तक संघ प्रचारक रहना अकल्पनीय है। यह बातें उन्होंने शुक्रवार को सवंसा गांव निवासी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ नेता व लोकतंत्र सेनानी स्वर्गीय रमाशंकर उपाध्याय की मूर्ति अनावरण एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम को वर्चुअल संबोधित करते हुए कहीं। इसके साथ ही उन्होंने सवंसा गांव में जाने वाली पिच सड़क का नाम स्वर्गीय रमाशंकर उपाध्याय के नाम करने की घोषणा की। बता दें शुक्रवार को होने वाला उनका कार्यक्रम अचानक रद्द हो गया था।
हेलीकाप्टर में तकनीकी खराबी आने की जानकारी देते हुए कार्यक्रम के आयोजक संघ प्रचारक अशोक उपाध्याय ने आश्वस्त किया कि जल्द ही जौनपुर आऊंगा और मूर्ति पर माल्यार्पण करने का सौभाग्य प्राप्त करूंगा। विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं भारत सरकार श्रीराम मंदिर न्यास के महासचिव चम्पत राय ने कहा कि राम मंदिर हिंदुस्तान के सम्मान का प्रतीक है। अगर संप्रभुता संपन्न स्वाभिमान से जिंदा रहना है तो हमें अयोध्या रामजन्म भूमि के पांच सौ साल के इतिहास को मानना होगा। हम शांति से चलते रहें और लड़ते रहें। उन्होंने कहा कि न्यास की मंशा है कि 2023 में रामलला अपने गर्भगृह में विराज सकें । इस दौरान उन्होंने स्वर्गीय रमाशंकर उपाध्याय से जुड़े संस्मरण भी सुनाए। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व सांसद रामविलास वेदांती ने कहा रमाशंकर उपाध्याय की राष्ट्र के प्रति समर्पण भाव जीवन के अंतिम समय में भी रहा। आयोजक संघ के वरिष्ठ प्रचारक अशोक उपाध्याय एवं प्रमोद उपाध्याय ने सभी के प्रति आभार जताते हुए मंचासीन लोगों को स्मृतिचिन्ह देकर सम्मानित किया। इस दौरान राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव, विधायक डॉ हरेंद्र सिंह, विधायक रमेश चंद्र मिश्रा, भाजपा जिलाध्यक्ष जौनपुर पुष्पराज सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष मछलीशहर राम विलास पाल, जितेंद्र मिश्रा,पाणिनी सिंह आदि मौजूद रहे।