मौसम में आए बदलाव के कारण रविवार को जिले में कहीं हल्की तो कहीं तेज हवा के साथ बारिश हुई। इससे धान की फसल को नुकसान पहुंचा है। तेज हवा के चलते धान की फसल गिर गई है। आगे भी बारिश होने पर अगैती आलू की फसल को नुकसान होने की संभावना है। इससे आलू की बुआई में भी देर हो सकती है।
रविवार को अपराह्न करीब दो बजे तेज हवा के साथ बूंदाबांदी शुरू हो गई। बरईपार क्षेत्र में तेज हवा के साथ काफी देर तक बारिश हुई। लगभग एक घंटे हुई बारिश से धान की फसलें जमीन पर लेट गईं। किसानों का कहना है कि खेतों में पानी भरा होने से धान की फसल खराब भी हो सकती है। किसान शोभनाथ ने बताया कि उनकी एक एकड़ धान की अच्छी फसल थी। तेज हवा के साथ हुई बारिश से लगभग दो बीघा फसल जमीन पर गिर गई है। इसका असर उत्पादन पर पड़ने की उन्होंने आशंका जताई। राम सूरत यादव ने बताया कि धान की अधिकांश फसल बारिश के कारण जमीन पर गिर गई है। खेतों में पानी भर गया है। इससे फसल को नुकसान होने का खतरा बढ़ गया है। जिले में आलू की बुआई शुरू है। बारिश के चलते बुआई का कार्य प्रभावित हो सकता है।