जिले में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन का उत्पादन शुरू हो गया है। जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल और सीएचसी पर स्थापित कुल 14 ऑक्सीजन प्लांटों में से 13 इकाइयों में उत्पादन शुरू हो गया है।
कोरोना की पहली और दूसरी लहर में ऑक्सीजन के अभाव में काफी संख्या में लोगों की मौत हो गई थी। हालांकि विशेषज्ञ तीसरी लहर के आने की संभावना जता रहे हैं। इसे देखते हुए शासन और जिला प्रशासन स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करने में जुटे हैं। जिला अस्पताल में एक, जिला महिला अस्पताल में बने कोविड एल-टू अस्पताल में दो और जनपद के अलग-अलग स्थानों की 10 सीएचसी पर जरूरत के अनुसार ऑक्सीजन का उत्पादन शुरू हो गया है। इससे जिला महिला अस्पताल में 550 और 500 लीटर प्रति मिनट (एलपीएम) ऑक्सीजन का उत्पादन करने वाले दो प्लांटों ने काम करना शुरू कर दिया है। इतनी ऑक्सीजन से 200 बेड पर मरीजों को आसानी से ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा सकेगी। इसी तरह जिला अस्पताल में 50 एलपीएम ऑक्सीजन का उत्पादन एक प्लांट से हो रहा है। दूसरे प्लांट में भी शीघ्र उत्पादन शुरू हो जाएगा। सीएचसी मछलीशहर और रेहटी में 100 एलपीएम ऑक्सीजन का उत्पादन हो रहा है, जबकि बदलापुर, नौपेडवा, बरसठी, केराकत, मड़ियाहूं, सतहरिया, सुजानगंज और शाहगंज स्थित सीएचसी पर 50-50 एलपीएम के हिसाब से ऑक्सीजन का उत्पादन हो रहा है। जो 10 बेड पर भर्ती मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त है। हालांकि सीएचसी बरसठी में मशीन में तकनीकी खराबी के चलते एक पखवाड़ा से उत्पादन बंद है। इसकी मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं। सीएमओ डा.लक्ष्मी सिंह का कहना है कि जिले में ऑक्सीजन का उत्पादन पर्याप्त मात्रा में शुरू हो गया है। अब मरीजों को ऑक्सीजन की कमी नहीं होने पाएगी। जिला अस्पताल में एक, जिला महिला अस्पताल में दो और 10 सीएचसी पर ऑक्सीजन का उत्पादन शुरू हो गया है। ऑक्सीजन उत्पादन को और बेहतर बनाने की पहल की रही है।