फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गांवों में बन रहे मनरेगा पार्क, सजा रहे फूलों से

विज्ञापन
करंजाकला क्षेत्र के पतहना गांव में बने पार्क की फ़ोटो। - फोटो : JAUNPUR
विज्ञापन
जौनपुर। शहर की तरह ही अब गांवों में सुंदर पार्क बनने लगे हैं। क्यारियों में रंग-बिरंगे फूल के पौधे और मखमली घास लगाई जा रही है। बच्चों के लिए खेलकूद और बुजर्गों के लिए योग स्थल और ओपेन जिम की व्यवस्था की जा रही है। डीएम की पहल पर चुनिंदा गांवों में पार्क बनाने का काम तेजी से चल रहा है। पहले चरण में प्रत्येक ब्लाक के दो-दो गांव में ऐसे पार्क बनाए जा रहे हैं ,जिन्हें अटल मनरेगा पार्क का नाम दिया गया है। सोलर लाइटें भी लगवाई गई हैं। नवंबर में इनका लोकार्पण किया जाएगा।
विज्ञापन

बिजली, पानी और अच्छी सड़कों के साथ ही मनोरंजन के साधनों की सहूलियत लोगों को शहर की तरफ खींचती है। गांव के लोगों को अब वैसी ही सुविधा मुहैया कराने की दिशा में मनरेगा पार्क एक कदम है। इन पार्कों में बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी के लिए मनोरंजन के पर्याप्त इंतजाम तो होंगे ही साथ ही ऐसा माहौल भी होगा कि लोग सुकून के कुछ पल यहां बिता सकें। इसके तहत डीएम ने प्रत्येक ब्लाक में दो-दो मनरेगा पार्क बनाने का निर्देश दिया है। अटल मनरेगा पार्क के रुप में बन रहे इन पार्कों में बच्चों के लिए झूला, फिसलपट्टी, सी-सा सहित अन्य सुविधाएं तो होंगी ही बड़ों के लिए योगा स्थल, ओपेन जिम भी बनाया जा रहा है। बैडमिंटन व वॉलीबाल कोर्ट के साथ ही कबड्डी के लिए मैदान भी होंगे। पार्क के चारों तरफ टहलने के लिए रास्ता बनाया गया है और उसके दोनों तरफ क्यारियों में रंग-बिरंगे फूल लगाए गए हैं। शहर से सटे करंजाकला ब्लाक के पतहना गांव में पहला अटल मनरेगा पार्क बनकर तैयार हो चुका है। इस गांव में बने पार्क की खासियत यह है कि एक ही परिसर में पंचायत भवन, आंगनबाड़ी, स्कूल भी मौजूद हैं। इस तर्ज पर प्रत्येक ब्लाक में दो-दो पार्क बनाए जाने हैं। इसके लिए नवंबर के प्रथम पखवाड़ा तक का समय निर्धारित किया गया है।
चुनिंदा गांवों में उपलब्ध भूमि के आधार पर अटल मनरेगा पार्क बनाए जा रहे हैं। इन पार्कों में शहरों की तरह ही बच्चों के खेल-कूद और मनोरंजन की सुविधा भी मुहैया कराई जा रही है। इसकी देखरेख के लिए ग्रामीणों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। कोशिश है कि गांव-गांव ऐसी व्यवस्था की जाए, जिससे किसी को शहर तक आने की जरुरत न हो। -दिनेश कुमार सिंह, डीएम।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें