जौनपुर। जिले से होकर गुजरी नदियों के जलस्तर में लगातार बढ़ाव दर्ज किया जा रहा है। गोमती नदी का जल स्तर बढ़ने से डोभी व केराकत ब्लाक के निचले इलाकों में पानी घुस गया है। इससे खेतों में फसले डूब चुकी हैं। बाढ़ का पानी गांवों की ओर बढ़ रहा है। वहीं कई गांवों का मार्ग व रपटा पुल भी डूब गया है, जिससे 20 गांवों का संपर्क टूट गया है। इससे ग्रामीणों को तमाम तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन लेखपाल व कानून गो की ड्यूटी लगाकर पल-पल की स्थिति पर नजर रखे हुए है।
गोमती नदी के जल स्तर में इजाफे से पानी में लगाए गए बांस-बल्ली डूब रहे हैं। इससे रिवरफ्रंट डेवलपमेंट का कार्य बाधित हो गया है। केराकत क्षेत्र में भी गोमती नदी का जल स्तर लगातार बढ़ने से तटीय गांवों के ग्रामीण भी खौफजदा हैं। पिछले 24 घंटे में जलस्तर चार फीट बढ़ गया है, जिसके कारण सरोजबडेवर में रपटा पुल पानी में डूब गया है। करीब 20 गांवों का संपर्क टूट गया है। इस दौरान कुसरना, तेजपुर ,नोनमटिया, कृपाने, मोलनापुर, बकुलिया, धधिया, औरी ,लुत्तीपुर ,सरोजबडेवर, गोबरा ,भितरी, मसौढ़ा, गोपालपुर , बम्बावन ,थानागद्दी, श्रीरामपुर, बेहड़ा, विशुनपुर बराई आदि गांव ऐसे हैं यहां के लोगों को आने-जाने के लिए दूसरे मार्ग से लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी के बहाव के चलते रपटा पुल के दोनों तरफ के संपर्क टूट चुका है। सरोजबडेवर निवासी राजेन्द्र यादव ,वीरेन यादव ,रामजीत, हरिश्चंद्र यादव, राम सकल यादव, रामचंदर यादव की फसलें डूब गई हैं। इन किसानों का कहना है कि मवेशियों के सामने चारे का गंभीर संकट पैदा हो गया है। इस गांव के मुलायम, अखिलेश यादव सहित अन्य ग्रामीण अपने मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाना शुरू कर दिए हैं। वहीं गीता देवी ने बताया कि उनके पास गाय, भैंस व बकरी सहित 40 पशु हैं। सरोजबडेवर के ही गोपाल निषाद, प्यारे लाल व गोवर्धन निषाद का मड़हा डूब गया है। रजनी कान्त निषाद की सब्जी की फसल भी डूबकर बर्बाद हो गई। ठीक यही स्थिति गोबरा, महादेवा , भितरी, गोपालपुर, अरका, ढाबे (चकरारेत) आदि गांवों की भी है।
डोभी क्षेत्र में गोमती नदी का जल स्तर 24 घंटे में लगभग डेढ़ मीटर तक बढ़ गया है। चंदवक, चवरबर व बरमलपुर गांव के निचले इलाकों में पानी घुस गया है। वह गांव की आबादी तक पहुंचने के कगार पर है। बरमलपुर गांव में सड़क पानी में डूबने से जहां आवागमन बाधित हो गया है। पशुओं के चारे का संकट उपन्न हो सकता है। अगर गोमती नदी का जल स्तर बढ़ने का यही रफ्तार रहा तो हरिहरपुर, बरमलपुर, चंदवक, बरौटी, चौबेपुर, बीरीबारी सारेपुर, बलरामपुर, नरकटा, पड़रछा,बड़वा, बरहपुर ,बहिरी सहित अन्य किनारे के गांव में एक-दो दिन में दिक्कत बढ़ सकती है।