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बढ़ी फीस के विरोध में 24 कॉलेज प्रबंधकों ने ली कोर्ट की शरण

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करंजाकला। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की ओर से यूजी की सेमेस्टर परीक्षाओं की बढ़ी हुई फीस को लेकर 24 कालेजों ने न्यायालय की शरण ले ली है। इस दौरान यूजी की 24 मार्च से शुरू हो रही सेमेस्टर परीक्षाओं को लेकर विश्वविद्यालय व कालेज के प्रबंधकों के बीच तनातनी का माहौल है। बावजूद इसके सोमवार को जौनपुर व मऊ के कालेज प्रबंधकों की टीम वित्त अधिकारी से मिल कर फीस में राहत देने की मांग की।
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शासन की ओर से लागू की गई नई शिक्ष नीति को पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने सितंबर माह में लागू किया है। इसके बाद विश्वविद्यालय ने 24 मार्च से स्नातक प्रथम वर्ष की सेमेस्टर परीक्षाएं कराने का निर्णय लिया है, जबकि इसके पूर्व कॉलेज की ओर से छात्रों का प्रवेश जुलाई माह में ही ले लिया गया था। उस समय कालेजों ने प्रति छात्र 1648 रुपये वार्षिक फीस ली थी, लेकिन इसके बाद सितंबर में नई शिक्षा नीति लागू होते हुए विश्वविद्यालय ने प्रति सेमेस्टर 1400 रुपये तय किया है। प्रबंधक महासंघ के अध्यक्ष दिनेश तिवारी का कहना है कि अगर प्रति सेमेस्टर 1400 रुपये फीस छात्रों से वसूल की जाएगी तो छात्रों पर बोझ बढ़ेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन पहले से लागू 1648 रुपये वार्षिक फीस के स्थान पर दो हजार के अंदर फीस वसूल लें, लेकिन फीस के नाम पर साल में दो सेमेस्टर में 2800 रुपये फीस वसूलना अनुचित है। इस संदर्भ में प्रबंधक संघ के अध्यक्ष सूर्यभान यादव, संदीप तिवारी ,देवनाथ, मुन्नेलाल, प्रमोद कुमार, अजय कुमार, गुलाब यादव ने सोमवार को वित्त अधिकारी संजय राय से मुलाकात कर फीस में राहत देने व परीक्षा कराए जाने की मांग की, लेकिन वित्त अधिकारी ने उन्हें कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया।
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हमें सिर्फ फीस की एनओसी देनी होती है, जो मैं प्रक्रिया के अनुसार करूंगा। परीक्षा कराए जाने और प्रवेश पत्र देने का मामला परीक्षा नियंत्रक समझें । - संजय कुमार राय ,वित्त अधिकारी पूविवि
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