कुल्हनामऊ में करोड़ों की लागत से बने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की जांच के लिए डीएम ने तीन सदस्यीय टीम का गठन किया है, जो प्लांट में जाकर उसके निर्माण, क्षमता व गुणवत्ता आदि की जांच करेगी। टीम जांच के बाद रिपोर्ट डीएम को सौंपेगी। रिपोर्ट मानक के अनुरूप आने पर ही प्लांट को नगर पालिका को हैंडओवर किया जाएगा।
सवा तीन लाख आबादी वाले शहर से निकलने वाले कचरे के निस्तारण के लिए 12 करोड़ 20 लाख 39 हजार की लागत से कुल्हनामऊ में सालिड वेस्ट मैनेजमेंट बनाया गया है। इसकी क्षमता 92 टन कचरा निस्तारण की है। इस प्लांट का निर्माण फरवरी में सीएनडीएस की ओर से पूरा कर लिया गया था। लेकिन अभी तक प्लांट नगर पालिका को हैंडओवर नहीं हो पाया था, जबकि प्लांट में कचरा निस्तारण का कार्य भी शुरू हो गया है। अब प्लांट का हैंडओवर करने के लिए डीएम ने जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की है। यह टीम प्लांट में जाकर जांचकर रिपोर्ट तैयार करेगी। इस दौरान टीम मानक के अनुसार प्लांट बनाया गया है कि नहीं, प्लांट की क्षमता और गुणवत्ता आदि की जांच करेगी, जांच में अगर सब कुछ मानक के अनुसार पाया गया तो प्लांट नगर पालिका को हैंडओवर किया जाएगा और अगर रिपोर्ट मानक के अनुसार नहीं आया तो प्लांट हैंडओवर नहीं होगा। उसकी कमियों को फिर से कार्यदायी संस्था को सुधारने का समय दिया जाएगा। कार्यदायी संस्था के खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है। जांच टीम में अपर जिलाधिकारी भू व राजस्व राजकुमार द्विवेदी सहित पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन राधाकृष्णन और जैनु राम है।
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- सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट हैंडओवर हो सके, इसके लिए डीएम ने तीन सदस्यीय टीम का गठन किया है, जो प्लांट की जांच कर रिपोर्ट डीएम को सौंपेगी। अगर मानक के अनुसार प्लांट बना पाया गया तो वह नगर पालिका को हैंडओवर हो जाएगा। अगर विपरीत रिपोर्ट आई तो संबंधित कार्यदायी संस्था को कमियों को सुधारने का समय दिया जाएगा। उसके खिलाफ कार्रवाई भी होगी। - राजकुमार द्विवेदी, अपर जिलाधिकारी भू व राजस्व