बक्शा। विकास खंड के मई गांव में शुक्रवार को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राजाराम मिश्र का शहीद दिवस मनाया गया। मूर्ति स्थल पर मौजूद लोगों ने राजाराम को नमन करते हुए उनके योगदान को याद किया। मई गांव निवासी शहीद राजाराम मिश्र पड़ोसी गांव कर्तिहा में प्राथमिक विद्यालय से कक्षा पांच तक की पढ़ाई की। अंग्रेजों की प्रताड़ना के किस्से सुनते हुए युवा अवस्था में ही क्षेत्रीय लोगों के साथ टीम बना डाली।
टीम में सेनानी सुल्तानपुर गांव निवासी सीताराम दूबे, मई निवासी बालक राम मौर्या, बनगांव पट्टी से चंद्रिका शुक्ल एवं भिवरहा निवासी सेनानी विश्वनाथ सिंह ने अंग्रेजों के खिलाफ बिगुल फूंक दिया। टीम ने मिलकर खुटहन के रामनगर का डाक खाना को लूट लिया। मई में ही तत्कालीन थानाध्यक्ष बक्शा मोहम्मद यूसुफ से मुठभेड़ चार घंटे चली थी। इसमें सीताराम घायल हो गए थे। बाबतपुर ट्रेन डकैती को अंजाम देने वाले इन रणबांकुरों में राजदेव सिंह, गोविंद सिंह, अंबिका, संग्राम सिंह, सूर्यनाथ उपाध्याय, बटेश्वर उपाध्याय, नागेश्वर द्विवेदी, राम शिरोमणि द्विवेदी से नाराज तत्कालीन डीएम और पुलिस कप्तान ने उक्त क्रांतिकारियों के घर को फुंकवा दिया। प्रयागराज के झूंसी से पत्नी राम दुलारी के साथ घर आते समय मुखबीर की सूचना से सीआईडी ने राजाराम को दबोचा लिया। गिरफ्तारी के बाद सेंट्रल जेल वाराणसी भेज दिया। बताते हैं कि जेल में ही मिलने पूर्व पीएम जवाहरलाल नेहरू पहुंचे थे। 18 फरवरी 1949 को जौनपुर से घर आते समय तत्कालीन थानाध्यक्ष बक्शा ने कर्तिहा गांव के पास मुखबीर के सहयोग से घेरकर हत्या कर दी गई थी। नि:संतान राजाराम मिश्र की स्मारक गांव के ही विक्रमादित्य मिश्र द्वारा बनवाया गया। जीर्णशीर्ण स्मारक के सुंदरीकरण का जिम्मा सेवानिवृत्त शिक्षक देवराज पांडेय ने क्षेत्रीय लोगों सेवानिवृत्त पीसीएस राधेश्याम गुप्ता आदि के सहयोग से कराया गया। अध्यक्षता पूर्व जिला पंचायत सदस्य चंद्रशेखर मिश्र ने किया। इस दौरान पूर्व सांसद धनंजय सिंह, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष डा. प्रभात विक्रम सिंह, वेदप्रकाश शुक्ल, अच्छेलाल चौहान, प्रधान सुभाष, अजय सिंह, दिनेश शुक्ल आदि मौजूद रहे।