पुलिस ने समझा-बुझाकर लोगों को शांत कराया। हंगामा करने वालों का आरोप था कि सीमा की तबीयत खराब थी, लेकिन उसे अधिक समस्या नहीं थी। अस्पताल में इंजेक्शन देने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ती गई और आखिरकार उसकी मौत हो गई। हालांकि उन्होंने उसका अंतिम संस्कार कर दिया। सीमा के माता-पिता दोनों की पहले ही मौत हो चुकी है।
इस संबंध में शहर कोतवाल सतीश सिंह का कहना है कि परिवार के लोगों ने लिखकर दिया कि उन्हें शव का पोस्टमार्टम नहीं कराना है। वह पहले से ही बीमार थी, जिसके कारण उसकी मौत हुई है। यदि वे कोई तहरीर देंगे तो मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।