सिकरारा थाना क्षेत्र के सिउरा गांव में करंट की चपेट में आने से प्राइवेट लाइनमैन की मौत के मामले में सोमवार की देर रात मुकदमा दर्ज हुआ। मुकदमा दर्ज करने के बाद उसकी कॉपी लेने के बाद परिजनों ने बिजली के पोल से शव उतारने दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
सिउरा गांव में ट्रांसफार्मर पर बिजली सही करने के दौरान नंदलाल गौतम (45) की मौत हो गई थी। परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस को घटनास्थल से शव को कब्जे में लेने नहीं दिया। पावर हाउस के सामने जौनपुर-रायबरेली हाइवे पर आक्रोशित ग्रामीणों ने दो घंटे तक जाम लगाया था। जाम समाप्त कराने के बाद सिउरा पहुंचे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट हिमांशु नागपाल के अलावा सीओ मछलीशहर, सीओ मड़ियाहूं ने लोगों को समझाबुझाकर पोल से लटके शव को उतारवाने का प्रयास किया लेकिन लोग नहीं माने। परिजनों की मांग थी कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए। साथ ही एफआईआई की कॉपी दिखाई जाय। परिवार के एक सदस्य को नौकरी तथा उचित मुआवजा दिया जाय। लगभग रात 11 बजे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के काफी समझाने-बुझाने के बाद मृतक के बेटे राहुल से तहरीर दिलाई। मृतक के बेटे ने बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता, एसडीओ, अवर अभियंता सिकरारा तथा एक अज्ञात के खिलाफ लापरवाही पूर्वक कार्य कर पिता की हत्या का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करने की तहरीर दी। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेने की कोशिश की। लेकिन, परिवार के लोगों ने विरोध तेज कर दिया। हालांकि काफी जद्दोजहद के बाद पुलिस ने चारों नामजद लोगों के खिलाफ धारा 304 ए के तहत गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसकी कॉपी घटनास्थल पर परिजनों को दी। इसके बाद रात 12 बजे पुलिस शव को कब्जे में ले सकी। मौके पर उपस्थित ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने परिजनों को दुर्घटना बीमा का 5 लाख का चेक दो दिनों में देने की घोषणा की तथा उन्हें आश्वस्त किया कि इसके अलावा शासन स्तर से नियमानुसार जो भी सुविधाएं संभव होगी परिजनों को मुहैया कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।