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जौनपुरः कुत्ता काटने से आठ वर्षीय बालक की मौत, अस्पताल जाने और इंजेक्शन के लिए परिवार के पास नहीं थे पैसे

Thu, 02 Sep 2021 07:02 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर

सार

आठ वर्षीय बालक को तीन दिन पहले कुत्ते ने काटा था। गुरुवार को अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसकी मां रेनू के अनुसार उसे अस्पताल ले जाने के लिए घर में पैसे नहीं थे। जब तक लोग मदद के लिए पैसे जुटाते तब तक बालक की मौत हो गई। 
 
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अस्पताल में बच्चे के शव के साथ मां - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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यूपी के जौनपुर जिले के मीरपुर गांव में कुत्ते के काटने से आठ वर्षीय बालक की मौत हो गई। मृतक की मां रेनू के मुताबिक उसके पास बेटे को अस्पताल ले जाने और इंजेक्शन लगवाने तक का पैसा नहीं था। मीरपुर गांव की जोगीवीर बस्ती में रहने वाले बबलू मुसहर के पुत्र कृष्णा (8) को मंगलवार को घर के पास ही कुत्ते ने काट लिया था।

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बृहस्पतिवार को उसकी तबीयत अचानक खराब हो गई। उसकी मां रेनू के अनुसार उसे अस्पताल ले जाने के लिए घर में पैसे नहीं थे। बेटे के इलाज के लिए उसने आस पास के लोगों से मदद मांगी तो बस्ती के लोगों ने दस-बीस रुपये कर कुछ पैसे एकत्र किए। लेकिन, इसी दौरान बालक ने दम तोड़ दिया।  

कृष्णा गांव के प्राथमिक स्कूल में कक्षा तीन का छात्र था। मां के मुताबिक मंगलवार को जब बेटे को कुत्ते ने काटा था तो सूई लगवाने के लिए वह एक निजी चिकित्सक के पास गई थी। चिकित्सक ने तीन सौ रुपये मांगे जो उसके पास नहीं थे। ऐसे में वह कुत्ता काटने की सूई न लगवाकर सिर्फ टिटनेस की सूई लगवाकर घर चली आई थी।  हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि बालक को इसके पहले भी कुत्ते ने काटा था मंगलवार को उसे दोबारा कुत्ते ने काट लिया था।

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एंटी रैबीज वैक्सीन  लगवाने के लिए यहां के लोगों को बीस किलोमीटर दूर सीएचसी मछलीशहर जाना होता है। एक तो गरीबी दूसरे जागरूकता के अभाव के चलते बहुत से लोग कुत्ता काटने पर सूई लगवाने के लिए इतनी दूर नहीं जाते।  ग्रामीणों का कहना है कि कुत्ता काटने की सूई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और एएनएम सेंटर पर भी उपलब्ध होनी चाहिए। 
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सड़क हादसों में छात्र समेत तीन की मौत

जौनपुर जिले में अलग-अलग हुए सड़क हादसों में छात्र समेत तीन लोगों की मौत हो गई। रामपुर थाना क्षेत्र के पचवल गांव के पास ट्रक की चपेट में आने से छात्र की मौत से गुस्साए लोगों ने सड़क जाम कर दिया। सीओ के समझाने बुझाने पर साढ़े तीन घंटे बाद जाम समाप्त हुआ। पुलिस ने तीनों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।  

महराजगंज थाना क्षेत्र के चारो गांव निवासी सहायक अध्यापक सुभाष सरोज (42)  की मौत पिकअप की चपेट में आने से हो गई। वहीं पोरईकला के पूर्व प्रधान रामआसरे राजभर (63) गाजीपुर जिले के सैदपुर में एक निजी संस्थान में असिस्टेंट टेक्निकल मैनेजर के पद पर तैनात थे। वह सुबह बाइक से ड्यूटी पर जा रहे थे। घर से थोड़ी दूर पर भदैला गांव के पास वह पहुंचे थे कि मिट्टी लदे ट्रैक्टर की चपेट में आ गए।  मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
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