डेंगू से बचाव के लिए पर्याप्त सुविधा उपलब्ध है। मरीजों की जांच के लिए 26 हजार किट्स और पर्याप्त मात्र में दवाएं उपलब्ध हैं। सात से 16 सितंबर तक जिले के प्रत्येक गांवों में सर्वे किया जाएगा। प्रत्येक गांव के सर्वे के लिए दो-दो सदस्यों की टीमें बनाई गई हैं। कुल 1250 टीमें सर्वे कार्य करेंगी। टीमें सर्वे के लिए रोजाना 50 घरों का भ्रमण कर शासनस्तर से निर्धारित फार्मेट में शामिल बिंदुओं पर परिवार वालों से बात कर उसे भरेंगी।
ये बातें मुख्य विकास अधिकारी अनुपम शुक्ला ने शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दी। उन्होंने कहा कि डेंगू की अभी तक 120 लोगों की जांच की गई है, जिसमें 6 लोग अब तक पॉजिटिव पाए गए हैं। डेंगू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। कंट्रोल रूम सुबह 8 से रात 8 बजे तक कार्य संचालित होगा। कंट्रोल रूम में 21 कर्मचारी तैनात किए गए हैं। जिले में अब तक 11 ऑक्सीजन प्लांट चालू हो गए हैं। चार और आक्सीजन प्लांट शीघ्र ही चालू हो जाएंगे। इससे जिले में ऑक्सीजन की कमी नहीं रहेगी। सभी सीएचसी व पीएचसी के अधीक्षकों व प्रभारियों को डेंगू के लिए होने वाले सर्वे से संबंधित ट्रेनिंग दी जा चुकी है। उन्हें 5 सितंबर को शाम 4 बजे तक सर्वे के लिए गठित प्रत्येक 5 टीम पर एक सुपरवाइजर एवं ब्लॉक स्तरीय नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश दिए गए हैं।