बक्शा क्षेत्र के मई गांव के पास 15 अक्टूबर की सुबह गोली मारकर ठेकेदार अखिलेश यादव की हत्या भूमि विवाद में हुई थी। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियोें को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण त्रिभुवन सिंह ने दोपहर में पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान मामले का खुलासा किया।
उन्होंने बताया कि दरियावगंज गांव निवासी अधिवक्ता लालता प्रसाद यादव और मृतक ठेकेदार अखिलेश यादव के बीच जमीन का विवाद चल रहा था। मई चौराहे के पास सड़क से लगी जिस जमीन का विवाद चल रहा था। उसकी कीमत करीब 50 लाख से अधिक है। हाल ही में अखिलेश यादव मुकदमा जीत गए थे, लेकिन जमीन पर अधिवक्ता लालता प्रसाद यादव का कब्जा है। पुलिस का दावा है कि लालता प्रसाद यादव ने अखिलेश यादव को रास्ते से हटाने के लिए उनकी हत्या की साजिश रची। इसके लिए उन्होंने शूटरों को 6 लाख रुपये दिए थे। पुलिस ने दो आरोपियों अधिवक्ता लालता यादव निवासी मई, मनीष कुमार यादव निवासी बलुआ थाना बदलापुर को सोमवार की सुबह करीब पौने आठ बजे गिरफ्तार किया।
वहीं देवेंद्र कुमार यादव उर्फ बंदूके निवासी दरियावगंज को रविवार की शाम करीब सवा छ बजे बहद गांव, मई मोड़ से गिरफ्तार किया । उन्होंने बताया कि देवेंद्र कुमार ने शूटरों को अखिलेश यादव की पहचान कराई थी, जबकि लालता यादव ने शूटरों को पैसे दिए थे इस घटना में दूसरे शूटर समेत तीन अन्य लोग भी शामिल हैं। जिनकी तलाश की जा रही है। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से एक तमंचा और एक अवैध पिस्टल और कारतूस बरामद किया है। उनका कहना है कि इसी पिस्टल से अखिलेश यादव को गोली मारकर हत्या की गई थी। गिरफ्तार करने वाली टीम में बक्शा थाने की पुलिस टीम के अलावा एसओजी और सर्विलांस टीम भी शामिल है।