शाहगंज रोडवेज डिपो से विंध्याचल व अयोध्या के लिए एक भी बस का संचालन नहीं किया जा रहा है। इससे लोगों को इन धार्मिक स्थानों पर दर्शन पूजन के लिए आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उधर, शाहगंज-जौनपुर मार्ग पर कम बसें चलने से भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को काफी देर इंतजार के बाद बस मिलती है। इससे वे समय से गंतव्य तक नहीं पहुंच पाते हैं।
कोरोना संक्रमण के चलते अब भी उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की यात्री सेवाएं पटरी पर नहीं लौट पाई हैं। जौनपुर-शाहगंज मार्ग पर खेतासराय और शाहगंज प्रमुख बाजार है। ये बाजार व्यापारिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हैं। यहां से अयोध्या, विंध्याचल व मां शीतला चौकिया धाम आदि स्थानों पर दर्शन पूजन के लिए रोजाना लोग आवागमन करते हैं। व्यापारी भी आवागमन करते हैं, लेकिन रोडवेज की बसें काफी कम चलने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शाहगंज रोडवेज डिपो से अयोध्या व विंध्याचल जैसे धार्मिक स्थानों के लिए एक भी बस संचालित नहीं हो रही है। ऐसे में लोग डग्गामार वाहनों से अपने गंतव्य तक पहुंचते हैं। डग्गामार वाहन चलाने वाले यात्रियों से मनमाना किराया वसूल करते हैं। इससे यात्रियों को परेशानी के साथ ही आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है।
खेतासराय नगर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजय विश्वकर्मा का कहना है कि क्षेत्र के व्यापारी वर्ग के लिए वाराणसी एक प्रमुख मंडी है, लेकिन इस मार्ग पर वाराणसी जाने के लिए सुबह 9 बजे के बाद एक भी बस नहीं है। वहीं, वाराणसी से वापस आने के दौरान शाम 6 बजे के बाद कोई बस नहीं मिलती है। इससे व्यापारियों को आधी अधूरी खरीदारी कर वापस लौट आना पड़ता है। खेतासराय के डोभी गांव निवासी अधिवक्ता बालेंद्र कुमार मिश्र का कहना है कि दीवानी न्यायालय भी खुल गया है। सुबह जाते समय और शाम को लौटते समय रोडवेज की बसों की कमी के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। डग्गामार वाहनों से आवागमन करना पड़ता है। भाजपा नेता व सभासद जगदम्बा पांडेय का कहना है कि अयोध्या व विंध्याचल के लिए एक भी बस का संचालन नहीं किया जा रहा है, जबकि क्षेत्र से रोज लोग इन धार्मिक स्थानों पर दर्शन-पूजन के लिए जाते है। उन्होंने रोडवेज प्रशासन से इन स्थानों के लिए बसों का संचालन किए जाने की मांग की।
....
- रोडवेज की कुछ बसें पूर्व में निदेशालय सरेंडर हुई थीं, जो अभी वापस नहीं मिल पाई हैं। टायर की उपलब्धता की कमी थी। इससेे पूरी क्षमता से बसों का संचालन नहीं हो पा रहा है। सभी महत्वपूर्ण मार्गों पर बसों के संचालन का प्रयास किया जा रहा है। - केके तिवारी, एआरएम, वाराणसी परिक्षेत्र।