आंगनबाड़ी कर्मचारी व सहायिका एसोसिएशन की जिला कमेटी की बैठक बुधवार को संगठन कार्यालय पर हुई। इसमें प्रदेश सरकार की ओर से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में अल्प वृद्धि की घोषणा कर उसको प्रोत्साहन राशि के रूप में दिए जाने पर नाराजगी जताई गई। साथ ही मानदेय में वृद्धि की मांग की गई। ऐसा नहीं होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी।
जिलाध्यक्ष सरिता सिंह ने नाराजगी जताते हुए कहा कि भाजपा सरकार 2017 के चुनाव में किए गए वादे को पूरा करने में हीलाहवाली कर रही है। बार - बार मानदेय बढ़ोतरी के नाम पर प्रोत्साहन राशि का शासनादेश जारी कर रही है। उन्होंने कहा कि अभी तक सरकार की तरफ से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को न तो स्मार्ट फोन उपलब्ध कराया है और न ही किसी प्रकार का डाटा एंट्री करने के लिए कोई बजट दिया जा रहा है। ऐसे में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लाभार्थियों का ब्योरा कैसे फीड कर पाएंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हर साल आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में बढ़ोतरी करने की घोषणा करती है लेकिन लेकिन आज तक मानदेय में बढ़ोतरी नहीं हुई।। उन्होंने प्रोत्साहन राशि के लिए जारी शासनादेश वापस लेने, मानदेय में बढ़ोतरी का शासनादेश जारी करने आदि की मांग की। चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं की गईं तो आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने मांगें पूरी नहीं होने पर आगामी विधानसभा चुनाव में सरकार का विरोध करने की चेतावनी भी दी। बैठक में मीना यादव, मनोरमा सिंह, संजू सिंह, उर्मिला प्रजापति, गीता सोनकर, जया साहनी, माधुरी सोनिया आदि मौजूद रहीं।