इसके बाद बलिया में विश्वविद्यालय बनने के बाद वह जनपद भी पूर्वांचल विश्वविद्यालय से अलग हो गया। अब दो अन्य जिले भी कट रहे हैं। पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलसचिव महेंद्र कुमार का कहना है कि विश्वविद्यालय के बंटवारे के लिए शासन ने पहले ही नोटीफिकेशन कर दिया है। 15 जून से आजमगढ़ और मऊ जनपदों के महाविद्यालय आजमगढ़ विश्वविद्यालय से जुड़ जाएंगे। शासनादेश के तहत मान लिया जाएगा कि दो जनपदों के महाविद्यालय विश्वविद्यालय से अलग हो जाएंगे।
पूविवि में बचेंगे 23 एडेड कॉलेज
जौनपुर। पूर्वांचल विश्वविद्यालय के बंटवारे के बाद 23 वित्तपोषित महाविद्यालय, 501 स्ववित्तपोषित महाविद्यालय और 5 राजकीय महाविद्यालय बचेंगे। बंटवारे के पहले कुल 938 महाविद्यालय हैं। इसमें 892 स्ववित्तपोषित महाविद्यालय, 37 वित्तपोषित महाविद्यालय और नौ राजकीय महाविद्यालय शामिल हैं।
विवि को होगा करीब 36 करोड़ से अधिक का घाटा
जौनपुर। बंटवारे के बाद पूर्वांचल विश्वविद्यालय की आय पर विपरीत असर पड़ेगा। सत्र 2020-21 में कुल करीब 4.70 लाख विद्यार्थी पंजीकृत थे। इसमें आजमगढ़ के 1.35 लाख और मऊ के करीब 91 हजार छात्र पंजीकृत थे। बंटवारे के बाद 2.26 लाख छात्र आजमगढ़ विश्वविद्यालय से जुड़ जाएंगे। करीब इतने ही दाखिले नए सत्र में भी संभावित हैं। विश्वविद्यालय को महाविद्यालयों से केवल परीक्षा शुल्क मिलता है। प्रति छात्र 1500 से 1600 परीक्षा शुल्क के रूप में विश्वविद्यालय को मिलता है। इस तरह से विश्वविद्यालय को परीक्षा शुल्क के रूप में मिलने वाले करीब 36 करोड़ का घाटा हर साल उठाना पड़ेगा।