गरीब परिवारों को इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अब तक कुल 2.97 लाख परिवारों के आयुष्मान गोल्डन कार्ड बन चुके हैं। इसमें से 2.88 लाख प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और 9 हजार मुख्यमंत्री जन आरोग्य (अन्त्योदय राशन कार्ड धारक) के तहत कार्ड बनाए गए हैं।
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत कुल 1,59,545 परिवारों का चयन किया गया है। इसमें 7,99,725 लाभार्थी शामिल हैं। इनमें से अब तक कुल 2.88 लाख लाभार्थियों का गोल्डन कार्ड बना दिया गया है। इस तरह से जिले के 1,25,472 अंत्योदय राशन कार्ड धारक परिवारों के 4,14,613 लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनाए जाने हैं। जिसमें से अब तक 9000 लोगों के कार्ड बना दिए गए हैं। अन्य लोग भी अपना आयुष्मान कार्ड बनवाकर योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों में पांच लाख रुपये तक का इलाज करवा सकेंगे। आयुष्मान भारत योजना के नोडल अधिकारी अपर मुख्य चिकित्साधिकारी (एसीएमओ) डॉ. आरके सिंह ने बताया कि कोई भी अंत्योदय कार्ड धारक परिवार अपना अंत्योदय राशन कार्ड और आधार कार्ड लेकर किसी भी जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), कॉमन सर्विस सेंटर तथा आयुष्मान भारत योजना में सूचीबद्ध निजी चिकित्सालय के आयुष्मान मित्र से संपर्क कर आयुष्मान कार्ड बनवा सकता है। जिला सूचना प्रणाली प्रबंधक हिमांशु शेखर सिंह ने बताया कि आयुष्मान कार्ड धारक योजना के तहत पांच लाख रुपये तक का नि:शुल्क इलाज पूरे देश में सूचीबद्ध किसी भी अस्पताल में करवा सकते हैं। आयुष्मान भारत योजना के तहत करीब 2500 बीमारियों से पीड़ित मरीजों का इलाज किया जाता है। इनमें कैंसर, हृदय रोग, हड्डी रोग, सभी प्रकार की सर्जरी, न्यूरो आदि से संबंधित बीमारियां शामिल हैं।