उरई। नए आयुष्मान कार्ड बनाने और पहले से बने कार्डों का सत्यापन करने में जालौन जिला बुंदेलखंड में पहले स्थान पर पहुंच गया है। पिछले एक महीने में जिले में 27 हजार से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं। सबसे अधिक कार्ड पंचायत सहायकों ने बनाए हैं।
आयुष्मान भारत योजना के डीपीसी डॉ आशीष झा ने बताया कि पंचायत सहायकों को भी आयुष्मान कार्ड बनाने और सत्यापन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। शुरुआत में पंचायत सहायकों ने काम में रुचि नहीं ली। डीएम के निर्देश पर ढिलाई बरतने वाले पंचायत सहायकों का मानदेय रोक दिया गया था।
सख्ती के बाद काम में तेजी आई और 30 दिनों में 18185 नए आयुष्मान कार्ड बना दिए गए। जनवरी के 15 दिनों में आठ हजार लाभार्थियों का सत्यापन भी किया जा चुका है।
डॉ आशीष ने बताया कि कॉमन सर्विस सेंटर के वीएलई एवं स्वास्थ्य विभाग में पंजीकृत अस्पतालों में कार्यरत आयुष्मान मित्र और सीएचओ को भी आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए आईडी जारी की गई है। कॉमन सर्विस सेंटर में 5940, सीएचओ ने 1164 कार्ड बनाए हैं। कुल 27229 कार्ड बनाए गए हैं।
15 दिसंबर से 15 जनवरी में बुंदेलखंड के बनाए गए आयुष्मान कार्डों की संख्या
जनपद का नाम कुल बने आयुष्मान कार्ड
जालौन- 27286
हमीरपुर- 26466
बांदा-24458
ललितपुर-15775
झांसी-11462
महोबा-10492
चित्रकूट-4869
2.18 लाख बन चुके आयुष्मान कार्ड
जनपद में अब तक कुल 218009 लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। इसके साथ ही 19818 लाभार्थियों का उपचार जनपद समेत प्रदेश व देश के पंजीकृत निजी व राजकीय चिकित्सालय में किया गया।
डॉ एनडी शर्मा, सीएमओ