माधौगढ़। जनसेवा केंद्र संचालक का शव संदिग्ध हालात में बंद कमरे में पड़ा मिला। दुकान में काम करने वाला कर्मी सुबह जब कमरे में पहुंचा। तो आवाज लगाने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला। तभी आसपास के लोग भी आ गए और पुलिस व परिजनों को जानकारी दी। पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो कमरे के फर्श पर शव पड़ा मिला। जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
गोहन थानाक्षेत्र के सुरावली गांव निवासी बृजेश नारायण विश्वकर्मा (48) माधौगढ़ कस्बे के इंदिरानगर में रहते थे। वह तहसील में जन सुविधा केंद्र चलाते थे। बुधवार की सुबह उनकी दुकान पर काम करने वाला गौरव जब दुकान पर पहुंचा। तो उसने मोबाइल पर कॉल की। पर वह रिसीव नहीं हुई। तो व कमरे पर गया। दरवाजा बंद देखकर उसने कई आवाजें लगाई। पर कोई जवाब नहीं मिला। इस पर आसपास के लोग भी एकत्र हो गए। लोगों ने परिजनों व पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो अंदर फर्श पर संदिग्ध हालत में बृजेश का शव पड़ा मिला। मां राजा बेटी ने बताया कि बृजेश की शादी 27 साल पहले हुई थी। कुछ समय बाद पत्नी से उसका विवाद हो गया और छोड़कर चली गई थी। तब से वह माधौगढ़ में रहता था। परिजनों ने अभी तक कोई तहरीर नहीं दी है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत की वजह पता चलेगी।