कोंच। विश्व हिंदू परिषद 57वां स्थापना दिवस ठाकुर कृपाल सिंह दादी महाविद्यालय में मनाया गया। जिसमें विहिप, बजरंग दल, मातृ शक्ति, दुर्गा वाहिनी आदि संगठनों के पदाधिकारी उपस्थिति रहे। जिलाध्यक्ष जयदीप त्रिपाठी ने कहा कि सभी को एकजुट होकर रहना चाहिए। एक हिंदू होने के नाते गरीब व लाचार लोगों की मदद करनी चाहिए।
इसके बाद विहिप बजरंग दल की संयुक्त बैठक संपन्न हुई। इसमें कार्यकर्ताओं को जिला पदाधिकारियों के निर्देश प्राप्त हुए। इस दौरान ज्ञानेंद्र तिवारी, रत्नेश त्रिपाठी, आकाश उदैनिया, गौरव सोनी आदि ने विहिप स्थापना दिवस के बारे में बताया कि विश्व हिंदू परिषद की स्थापना 29 अगस्त 1964 को श्रीकृष्णजन्माष्टमी के पावन पर्व पर भारत की संत शक्ति के आशीर्वाद के साथ हुई थी। विहिप का उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित करना, हिंदू धर्म की रक्षा करना और समाज की सेवा करना है। नदीगांव विहिप नगर अध्यक्ष माता प्रसाद जारोलिया,पवन, उपेंद्र, डॉ शुभम मिश्रा, महेश आदि रहे। संचालन अशोक झा ने किया। महाविद्यालय के प्रबंधक अनुरुद्ध सिंह परिहार ने आभार व्यक्त किया।
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गुरु शिष्य परंपरा ही सत्य सनातन है
- शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर हुआ कार्यक्रम
कोंच। शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में वरिष्ठ शिक्षकों को सम्मानित किया गया। प्रधानाचार्य शिवकरन सिंह यादव ने कहा कि गुरु शिष्य परंपरा ही सत्य और सनातन है। यह परंपरा भारतीय शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ है। जिसे मौजूदा परिवेश में आत्मसात किए जाने की आवश्यकता है। शिक्षा का व्यवसायीकरण होता जा रहा है। इस कारण मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक पारिवारिक मूल्यों का लगातार ह्रास हो रहा है।
इससे पहले समाजसेवी अंजनी श्रीवास्तव ने फीता काटकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि गुरु ही है जो मनुष्य को अच्छे बुरे का ज्ञान देकर सामाजिक प्राणी बनाता है। छात्र सुमित शर्मा, अर्पित झा, अभय वर्मा, यश प्रजापति, सचिन अग्रवाल आदि ने शिक्षक दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। संचालन शिक्षक राजेंद्र द्विवेदी ने किया। इस दौरान जैद खान, प्रभाकर, प्रतीक तिवारी, अमन अली, मानवेंद्र वर्मा, दीपक कुशवाहा, हर्ष आदि मौजूद रहे।