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सिग्नल पर मिट्टी पोतकर रोकी ट्रेन, लूटपाटय

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उरई (जालौन)। पटना से इंदौर जा रही पटना इंदौर एक्सप्रेस (09322) में सोमवार की रात नकाबपोश बदमाशों ने असलहे के बल पर लूटपाट की। बदमाशों ने तीन अलग-अलग डिब्बों में लूटपाट की। इस दौरान बदमाशों ने सिग्नल फेल करके करीब 30 से 40 मिनट तक ट्रेन को उरई हाईवे के पास आउटर पर खड़ा रखा। झांसी पहुंचे यात्रियों ने जीआरपी को पूरी घटना की जानकारी दी। यात्रियों के मुताबिक बदमाशों ने भागते वक्त फायरिंग भी की। जीआरपी इंस्पेक्टर राजकुमार सिंह ने बताया कि फिलहाल तीन महिला यात्रियों ने ही लूटपाट की रिपोर्ट दर्ज कराई है। अन्य यात्रियों का भी पता किया जा रहा है। घटना की सूचना मिलने पर एसपी जीआरपी मो.इमरान व आरपीएफ के असिस्टेंट कमांडर संजय कुमार सिंह ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया।
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यात्रियों ने रेलवे पुलिस को बताया कि सोमवार की देर रात 2: 30 बजे अचानक उरई हाईवे के पास स्थित ट्रेन सरसौखी रेलवे लाइन आउटर पर खड़ी हो गई। तभी असलहों से लैस तीन चार बदमाश ट्रेन के अलग अलग डिब्बों में चढ़ गए। इसके बाद बदमाशों ने तीनों डिब्बों में लूटपाट की घटना को अंजाम दिया। यात्रियों के चीखने चिल्लाने पर बदमाश डिब्बे के बाहर आकर हवाई फायरिंग करते हुए भाग निकले। ट्रेन के एस 7 कोच में सवार इंदौर निवासी दीपांशी तिवारी का मंगलसूत्र, एस 4 कोच की 17 नंबर सीट पर सवार अनीता निवासी हैदरगढ़ बाराबंकी का मंगलसूत्र व एस 8 कोच की सीट नंबर 48 पर सवार पटना निवासी अंजनी देवी की सोने की माला बदमाश लूट ले गए। अचानक ट्रेन के खड़े होने पर चालक ने कंट्रोल रूम से संपर्क किया तो जानकारी हुई कि सिग्नल की खराबी के कारण गाड़ी खड़ी है। बाद में सिग्नल चेक किया गया तो उसमें मिट्टी पुती मिली। इसके बाद ट्रेन सरसौखी से रवाना हो सकी। आशंका जताई जा रही है कि ट्रेन को रोकने के लिए बदमाशों ने ही सिग्नल पर मिट्टी पोती होगी। उरई जीआरपी इंस्पेक्टर का कहना है कि फिलहाल तीन महिलाओं के साथ ही लूटपाट की बात सामने आई है। मामले की गंभीरता पूर्व जांच की जा रही है।
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सिपाही संदेह के घेरे में
जीआरपी के एसपी मोहम्मद इमरान के साथ सहायक रेल सुरक्षा आयुक्त संजय कुमार सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने जीआरपी, आरपीएफ पर नाराजगी जताई और घटना के जल्द खुलासा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिस तरह से घटना को अंजाम दिया गया है, उससे लगता है कि इस मामले में आसपास के बदमाश या कुछ सिपाहियों की मिलीभगत भी हो सकती है। बारीकी से पड़ताल की जाएगी।
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तीन माह पहले भी इसी ट्रेन में हुई थी चोरी
बीती 19 जून को भी इसी ट्रेन में बदमाशों ने एक यात्री के मोबाइल, नगदी व कागजात चोरी कर लिए थे। इस घटना की सूचना उरई जीआरपी में दर्ज कराई गई थी। इस घटना को अंजाम देने के बाद बदमाश उसरगांव स्टेशन पर उतरे थे। हालांकि जीआरपी अभी तक इस घटना का खुलासा नहीं कर पाई थी कि सोमवार की रात बदमाशों ने एक और घटना को अंजाम देकर खुली चुनौती दी है। खास बात यह है कि इस ट्रेन में एस्कार्ट भी चलता है
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सहमे यात्री, उरई में नहीं रुके
सुबह करीब 4.49 बजे जब ट्रेन झांसी पहुंची। उस वक्त भी यात्रियों के चेहरों पर बदमाशों का खौफ साफ दिखाई दे रहा था। यात्रियों ने पुलिस को बताया कि बदमाश चेहरा ढके थे। ट्रेन सरसौखी के बाद उरई स्टेशन पर भी दो मिनट के लिए रुकी थी पर प्लेटफार्म नंबर तीन होने के कारण वे जीआरपी तक संपर्क नहीं कर सके। लिहाजा झांसी पहुंचने पुलिस को घटना की जानकारी दी जा सकी।
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