एट/उरई (जालौन)। स्टेयरिंग फेल होने से मारुति वैन अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। इससे उसमें सवार आठ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस से सभी को मेडिकल कालेज पहुंचाया। जहां ननिया सास और दामाद की मौत हो गई। जबकि छह घायलों का इलाज चल रहा है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
कोंच के चमरसेना निवासी दशरथ कुछ दिन पहले अपनी ससुराल हमीरपुर जिले के जल्ला गांव, कुरारा गए थे। वहां पर वह बीमार हो गए। कई जगह इलाज कराने के बाद जब आराम नहीं मिला। इसी दौरान गांव के लोगों ने ससुरालवालों को बताया कि झांसी जिले के चिरगांव में एक ओझा अच्छी झाड़फूंक करता है।
रविवार को सुमेरपुर थाना क्षेत्र के विदोखर निवासी ननिया सास भूरी देवी (65), सीता (30), अरुण (12), कोंच के चमरसेना गांव निवासी दामाद दशरथ (25), जल्ला निवासी सास बिंदो (50), वैन चालक घनश्याम (25), उसकी पत्नी विजय देवी (23), पुत्री ईश्वरी (01) घनश्याम के साथ मारुति वैन से चिरगांव जा रहे थे। वैन जैसे ही झांसी-कानपुर हाईवे स्थित गिरथान के पास पहुंची तभी स्टेयरिंग फेल होने से चालक घनश्याम संतुलन खो बैठा और कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई।
इससे उसमें सवार सभी लोग घायल हो गए। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी को मेडिकल कालेज पहुंचाया। जहां दशरथ व भूरी को मृत घोषित कर दिया गया। एक साथ दो मौतों से परिजनों में कोहराम मच गया। थानाध्यक्ष विमलेश कुमार का कहना है कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। जांच पड़ताल की जा रही है।