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कदमताल के साथ दी सलामी, 197 सिपाही मिले

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रिक्रूट सलामी देते - फोटो : ORAI
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उरई। आरटीसी पुलिस लाइन में प्रशिक्षण ले रहे रंगरूट की कदमताल से बुधवार को पूरा मैदान गूंज उठा। 197 रंगरूट की परेड की सलामी लेकर केंद्रीय राज्यमंत्री भानु प्रताप वर्मा और एसपी रवि कुमार ने सभी को प्रशस्ति पत्र और शील्ड देकर सम्मानित किया। पुलिस लाइन ग्राउंड में मुख्य अतिथि ने सभी आरक्षियों को शपथ ग्रहण कराई।
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केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि पुलिस भगवान का रूप होती है। समाज में किसी भी संकट पड़ने पर वह सबसे पहले पुलिस को याद करता है। इसलिए सभी पुलिसकर्मियों का दायित्व है कि वह पूरी कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी, लगन के साथ असहाय, गरीबों, पीड़ितों की मदद करे और उन्हें न्याय दिलाएं। वहीं उन्होंने रंगरूटों को मेहनत कर और ऊंचे पदों पर पहुंचने की बात कही। प्रशिक्षण के दौरान सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले योगेश सिंह, अंकित कुमार, शिवम सिंह, लोकेंद्र कुमार, विदेह कुमार, धर्मेंद्र सिंह, शंकरदीप, सुभाष, अमित, मनोज को प्रशस्ति पत्र व शील्ड देकर सम्मानित किया। परेड का संचालन डॉ. ममता स्वर्णकार ने किया। परेड में विधायक गौरीशंकर वर्मा, मूलचंद्र निरंजन, नरेंद्र सिंह जादौन, जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम अनुरागी, एमएलसी रमा निरंजन, नगरपालिका अध्यक्ष अनिल बहुगुणा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष दीपांशु समाधियां, दिलीप सेठ सहित एएसपी राकेश सिंह, सभी सीओ, थानाध्यक्ष, आरआई पारस चौधरी और रंगरूट के परिजन मौजूद रहे।
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200 में से 197 रंगरूट रहे परेड में शामिल
परेड के दौरान एसपी रवि कुमार ने बताया कि छह माह से 200 रंगरूट प्रशिक्षण ले रहे थे। जिसमें से दो त्यागपत्र देकर चले गए। जबकि एक आरक्षी अस्वस्थ था। परेड में 197 रंगरूट शामिल रहें। छह माह के प्रशिक्षण में रंगरूटों को जंगल, फील्ड, यातायात, नक्सलवाद, योगा, परेड सहित सभी प्रशिक्षण एएसपी राकेश सिंह के पर्यवेक्षण में सीओ विजय आनंद व आरआई पारस चौधरी, पीटीआई आदि की देखरेख में दिए गए।
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फोटो 20:::परेड के बाद माता-पिता साथ खड़ा रंगरूट शैलेंद्र। संवाद
किसान का बेटा बना सिपाही
प्रशिक्षण समाप्त होने पर दीक्षांत परेड के बाद आगरा के रंगरूट शैलेंद्र कुमार ने बताया कि पिता किसान है। उन्होंने किसी तरह उसकी पढ़ाई पूरी कराई। इसके बाद पुलिस में भर्ती होने से मां गीतादेवी व पिता अखिलेश कुमार काफी खुश है। दीक्षांत परेड देखने के लिए दोनों लोग मंगलवार की शाम को ही उरई आ गए थे। परेड के बाद उन्होंने उसे गले से लगाकर आशीर्वाद दिया।
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फोटो 21:::परेड के बाद मां और भाई के साथ सेल्फी लेकर खुशी मनाता आरक्षी यश। संवाद
मां की मेहनत रंग लाई
रंगरूट आरक्षी यश आगरा का रहने वाला है। उसने बताया कि उसके पिता का वर्ष 1999 में निधन हो गया था। इसके बाद आर्थिक स्थिति खराब हो गई थी। मां मधू ने कपड़ों की सिलाई व परचून की दुकान चलाकर उसका पालन पोषण कर पढ़ाया। पुलिस में भर्ती होने से मां की मेहनत सफल हो गई। प्रशिक्षण पूरा होने पर मां की आंखों में खुशी के आंसू नजर छलक पड़े।
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तिरंगामय दिखा पुलिस ग्राउंड
दीक्षांत परेड के लिए रंगरूटों ने पिछले तीन दिनों से पुलिस लाइन ग्राउंड की सजावट की। पूरे ग्राउंड को तिरंगा झंडा, गुब्बारे, फूलों व रंगोली से सजाया गया था। जिसको देखने के लिए शहर के लोगों की भारी भीड़ रही।
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