उरई। कोरोना की तीसरी लहर की दस्तक के बाद लगातार बढ़ रहे केसों को लेकर हाईकोर्ट ने जिला स्तरीय न्यायालयों में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। जिला स्तरीय न्यायालयों में कहा गया है कि एक बार पक्ष और विपक्ष के अधिकतम दस अधिवक्ता ही जज के सामने उपस्थित हो सकेंगे। यही नहीं कोर्ट में उचित दूरी के साथ वकीलों के बैठने के लिए सिर्फ छह कुर्सियों की व्यवस्था होगी। इसके अलावा कोर्ट के पीठासीन अधिकारी यदि भीड़ देखते है तो उनके अंदर आने पर पाबंदी भी लगा सकते हैं।
इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि कोर्ट परिसर को सैनिटाइजेशन भी कराए। कोर्ट में प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति के चेहरे पर मास्क अनिवार्य है। मास्क न होने पर जजी परिसर में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। रीडर, क्लर्क भी दो गज की दूरी का करेंगे। यही नहीं बहस पूरी होने के तत्काल बाद अधिवक्ताओं को जज कक्ष से बाहर निकलना होगा। यदि ऐसे अधिवक्ता जिनका मामला किसी विशेष तिथि को सूचीबद्ध है तो उन्हें कोर्ट कक्ष में प्रवेश करने की अनुमति दी जा सकती है। जिला जजी के प्रशासनिक अधिकारी राकेश बाबू ने बताया कि हाईकोर्ट के निर्देशों का अनुपालन कराया जाएगा।