उरई (जालौन)। खिलौने की दुकान पर बैठी कोंच की आकांक्षा पर जीजा ने ही भाड़े के अपराधियों से घातक रसायन फिंकवाया था। जीजा आकांक्षा से एक तरफा प्रेम करता था। जीजा व उसके तीन साथियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जबकि मामले के चार आरोपी अभी भी फरार है। घटना का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक रवि कुमार ने बताया कि सभी आरोपियों पर एनएसए की कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि बीती 21 सितंबर को कोंच के लाजपत नगर इलाके में आकांक्षा घर के नीचे स्थित खिलौने की दुकान पर बैठी थी। तभी सफेद अपाचे बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने उस पर घातक रसायन फेंक दिया था। जिससे आकांक्षा व ठेले पर सब्जी बेचने वाली महिला झुलस गई थी। आकांक्षा को इलाज के लिए झांसी में भर्ती कराया गया था। एसपी ने बताया कि घटना का मास्टर माइंड पीड़िता का जीजा पंकज उर्फ प्रेम नारायण निवासी नारायणपुर औरैया ही था। पंकज साली आकांक्षा से एक तरफा प्रेम करता था। पूछताछ में पेशे से प्रापर्टी डीलर पंकज ने बताया कि उसने ड्राइवर संजय पाल निवासी औरैया की मदद से इटावा भरथना के चंद्रशेखर के माध्यम से भाड़े के अपराधी रिषभ व गौरव निवासी भरथना से मुलाकात की। इसके बाद आकांक्षा पर घातक रसायन फेंकने की साजिश रची। इसके लिए उसने दोनों अपराधियों को 7 लाख रुपये देने की बात कही। जिसमें दो लाख एडवांस और पांच लाख काम होने के बाद देना तय था। बकौल पंकज उसने ही वारदात को अंजाम देने के लिए दोनों अपराधियों को औरैया से ही नई अपाचे बाइक भी दिलवाई। जिस पर कोई नंबर नहीं था और घातक रसायन उपलब्ध कराया। इस पूरे काम को करने के लिए साथी चेतन, विनय, रोहित को भी योजना में शामिल किया। वारदात करने से पहले कुछ दिन तक उन लोगों ने आकांक्षा के घर की रेकी भी की। इसके बाद सटीक मौका पाकर गौरव व रिषभ ने घटना को अंजाम दिया। गौरव ने ही आकांक्षा पर घातक रसायन फेंका था और रिषभ हेलमेट पहनकर बाइक चला रहा था। एसपी ने बताया कि फिलहाल पंकज, संजय, विनय और गौरव को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उनके पास से एक क्रेटा गाड़ी और 25000 रुपये, प्रयुक्त हेलमेट, कुछ रसायन भी बरामद किया हैं। फरार आरोपी चंद्रशेखर, रिषभ, चेतन और रोहित की तलाश में टीमें दबिश दे रही हैं। गौरव व विनय के खिलाफ इटावा और औरैया में भी कई आपराधिक मामले दर्ज है।
-----------------
आरोपी जीजा ने सीसी कैमरे में देखी थी घटना
आरोपी पंकज ने बताया कि आकांक्षा का उसके घर आना जाना बंद हो गया था। इस कारण उसने आकांक्षा के घर पर ही सीसी कैमरे लगवा दिए थे। इन कैमरों से वह पूरी नजर रखता था। कैमरे उसके मोबाइल से जुड़े थे। लिहाजा घातक रसायन फेंके जाने की पूरी घटना भी उसने अपने मोबाइल पर देखी थी।
---
मौत से भी खराब जिंदगी देना चाहता था आरोपी
जीजा पंकज के मुताबिक उसे पता लगा कि आकांक्षा किसी और को चाहती थी। बस उसी दिन तय कर लिया था कि वह उसे जान से नहीं मारेगा, बल्कि ऐसी जिंदगी देगा जो मौत से भी बदत्तर होगी। इसके बाद ही उसने आकांक्षा पर घातक रसायन फेंकने की योजना बनाई और उसे अंजाम भी दिया।
----
रेकी के वक्त बंद कर लेते थे मोबाइल
पूछताछ में आरोपी गौरव ने बताया कि वारदात से पहले उन्होंने कई बार कोंच के लाजपत नगर इलाके की रेकी की थी। जब कभी वे रेकी करने आते थे तो औरैया से निकलते वक्त ही अपने मोबाइल बंद कर लेते थे। ताकि पुलिस को कोई लोकेशन न मिल सके। बता दें कि इसी कारण पुलिस को खुलासे में इतना वक्त लग गया।
---
पीड़िता को 3 लाख के साथ हर संभव मदद मिलेगी
एसपी ने बताया कि पीड़िता व उसके परिवार की हर संभव मदद की जाएगी। जब तक मामले की विवेचना चलेगी तब तक उसे एक लाख रुपये दिए जाएंगे। इतना ही नहीं चार्जशीट दाखिल होने के बाद भी दो लाख रुपये की मदद दी जाएगी। इसके अलावा उसे व उसके परिवार की सुरक्षा का भी इंतजाम किया जाएगा।