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यमुना के पुराने वैभव को वापस लाने के लिए संघर्ष की रणनीति बनाई

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किलाघाट बैठक में मौजूद यमुना बचाओ अभियान समिति के सदस्य - फोटो : ORAI
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कालपी। यमुना नदी को बचाने व दूर हुई जलधारा को वापस पक्के घाटों पर लाने के लिए सर्वदलीय बैठक बुधवार को किलघाट पर हुई। बैठक में यमुना बचाओ अभियान समिति गठित कर नगर के वैभव को वापस लाने के लिए संघर्ष करने की रणनीति तैयार की गई।
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बैठक की अध्यक्षता करते हुए सपा विधायक विनोद चतुर्वेदी ने कहा कि यमुना नदी की जलधारा को वापस लाने के लिए जो पहल शुरू हुई है, उसके लिए सहयोग की आवश्यकता है। शासन के अलावा कानपुर देहात प्रशासन के समक्ष भी मामला रखा जाएगा। इसके लिए हर स्तर पर प्रयास होगा। समाजसेवी अशोक वाजपेयी को यमुना बचाओ अभियान का संयोजक बनाया गया। इस दौरान सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, समाजसेवियों ने किलेघाट से यमुना के उस पार कानपुर देहात सीमा में हो रहे अवैध खनन को देखा। बताया कि छह पोकलैंड एवं जेसीबी से यमुना की जलधारा से अवैध खनन कर उसका स्वरूप बिगड़ा जा रहा है। इससे यमुना नदी का अस्तित्व खतरा में है। तय किया गया कि डीएम समेत उच्च स्तर पर इस मामले को रख यमुना को बचाने की मुहिम चलाई जाएगी। बैठक में मनोज चतुर्वेदी, पालिकाध्यक्ष प्रतिनिधि जगजीवन अहिरवार,अमित पांडेय, राकेश पुरवार,अतुल गुप्ता, सुभाष परमार आदि मौजूद रहे। बैठक का संचालन मनोज पांडेय ने किया।
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फोटो-9-एसडीएम को ज्ञापन देते यमुना बचाओ अभियान के सदस्य। संवाद
अवैध खनन और प्रदूषण रोकने की मांग
कालपी। यमुना बचाओ अभियान के संयोजक अशोक वाजपेई के नेतृत्व में डीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को दिया गया। ज्ञापन के माध्यम से यमुना नदी में अवैध खनन को रोकने व प्रदूषण मुक्त कराने की मांग की गई। एसडीएम अंकुर कौशिक को बताया गया कि यमुना नदी लाखों जनमानस की श्रद्धा का केंद्र है। वर्तमान में प्रदूषण व अवैध खनन से इस अमूल्य धरोहर का विनाश हो रहा है। यमुना तट पर बने प्राचीनतम घाटों के पास सिल्ट जम जाने से पानी आने में अवरोध है। ज्ञापन देने वालों में राजेश द्विवेदी, मलखान सिंह यादव, दीपू तिवारी आदि मौजूद रहे।
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