कदौरा। हृदय, किडनी और अस्थमा की दवाएं महंगी होने जा रही हैं। इनमें बुखार, संक्रमण, त्वचा, एनीमिया, डायबिटीज व बीपी, एंटी एलर्जिक, विषरोधी, खून पतला करने, कुष्ठ रोग, टीबी, माइग्रेन, डिर्मेसिया, साइकोथेरैपी, हार्मोन, उदर जैसे रोगों की दवाएं भी शामिल है। जिनकी नई दरें एक अप्रैल से बढ़ने की चर्चा है।
दवा विक्रेताओं का कहना है कि दवाओं के दाम कुछ महीने बाद बढ़ाए जाएंगे। कई दवा कंपनियां हर माह एक से दो प्रतिशत रेट बढ़ा रही है। जिनकी चर्चा तक नहीं होती है। उन्होंने 11 फीसदी तक दाम बढ़ने की जानकारी होने से इनकार किया है। कहाकि यदि दाम बढ़े तो मजबूरी में उन्हें भी बढ़े दाम पर ही बेचना पड़ेगा।
पुरानी दवाओं का है स्टाक
सांई मेडिकल स्टोर के मालिक कुलदीप प्रणामी का कहना है कि ज्यादातर कंपनियों में महीने भर का स्टॉक रहता है। पुरानी दवाओं के तो रेट नहीं बढे़ंगे लेकिन नई दवाएं बनकर बाजार आने में डेढ़ से दो माह का समय लगता है।
एसिलॉक 23 से 37 की हुई
योगेश मेडिकल स्टोर के मालिक योगेश गुप्ता ने बताया कि अभी पुरानी दवाओं का ही स्टॉक काफी बचा हुआ है। ऐसे में एक अप्रैल से नए रेट की दवाएं बाजार में आना मुश्किल है। बताया कि एसिलॉक दवा का दस गोली का पत्ता जो 23 रुपये का था। कई दिन पहले उसके दाम 37 रुपये हो गए हैं ।