उरई (जालौन)। किशोरी को अगवा कर उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में स्पेशल न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट गुलाम मुस्तफा ने दोषी को 20 साल की कैद और 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। मामला वर्ष 2018 का है।
अभियोजन पक्ष से मुकदमे की पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता विश्वजीत गुर्जर ने बताया कि 10 जुलाई 2018 को कस्बा रामपुरा से 15 वर्षीय किशोरी को फरहान उर्फ आबिद निवासी मोहल्ला राजेंद्र नगर रामपुरा अगवा कर ले गया था। फरहान ने सात दिन तक किशोरी को फरीदाबाद व दिल्ली में रखा और उसके साथ दुष्कर्म किया। 17 जुलाई को किशोरी के पिता की तहरीर पर पुलिस ने फरहान के खिलाफ अपहरण व पॉक्सो एक्ट का मामला दर्ज किया था।
बाद में फरहान को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से किशोरी को मुक्त कराया। पीड़िता के बयान के आधार पर पुलिस ने अपहरण के मुकदमे में दुष्कर्म की धारा बढ़ा दी। मामले में साक्ष्य जुटाकर कोर्ट में फरहान के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। करीब ढाई साल चली सुनवाई के बाद मंगलवार को पॉक्सो कोर्ट के न्यायाधीश गुलाम मुस्तफा ने फरहान को 20 साल की कैद और 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। जिला शासकीय अधिवक्ता लखनलाल निरंजन ने बताया कि मिशन शक्ति के तहत मुकदमे की पैरवी की गई।