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नदियों में उफान, खतरे में पड़ी ग्रामीणों की जान

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उरई। जिले व आसपास के जनपदों में लगातार हो रही बारिश के चलते नदियां उफान पर हैं। यमुना खतरे के निशान के एकदम करीब पहुंच गई है, जिससे कालपी समेत आसपास के ब्लाकों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन स्तर पर प्रयास भी किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने बुधवार को स्वयं यमुना पट्टी के ग्रामीण इलाकों का निरीक्षण कर संभावित बाढ़ की स्थिति देखी। ऐसी ही स्थिति पहुज और सिंध नदी की भी है। जिनके उफान पर आने से रामपुरा ब्लाक के कई गांवों का संपर्क मार्ग भी डूब गया है और आवागमन बाधित हो गया है। ग्रामीणों ने जान बचाने के लिए घरों से पलायन भी शुरू कर दिया है। प्रस्तुत है बारिश व बाढ़ से बिगड़े हालात पर एक रिपोर्ट- -----
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टूटे संपर्क मार्ग तो घरों से पलायन
रामपुरा। विकास खंड क्षेत्र के अंतर्गत बीहड़ पट्टी में सिंध नदी का जलस्तर बढ़ने से 12 गांवों का रामपुरा से संपर्क टूट गया है। जिससे ग्रामीणों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। लोगों ने घरों से पलायन भी शुरू कर दिया है। बता दें कि पिछले एक सप्ताह से हो रही निरंतर बरसात से नदियों का जलस्तर बढ़ा हैं। सिंध व पहुज नदी में जलस्तर के बढ़ने से इन नदियों का पानी सड़कों पर बहने लगा है। इस कारण मध्यप्रदेश की सीमा को मिलाने वाले संपर्क मार्ग टूट गए हैं। जलस्तर बढ़ने से कुसेपुरा, निनावली, हनमंतपुरा, कदमपुरा, राठौरानपुरा, सिद्धपुरा, लक्ष्मपुरा, सुंदरपुरा, मिर्जापुर आदि गांवो से संपर्क टूट गया हैं। पूरे इलाके में 100 बीघे में लगी तिल की फसल नष्ट हो गई हैं। बिलौड़ गांव का नजारा तो ऐसा है कि मानो सड़कों पर ही नदी बह रही हो। प्रशासन की ओर से मंगलवार को अलर्ट जारी कर दिया था। इन गांवों की बिजली व्यवस्था धड़ाम हो चुकी है। एडीएम ने पंचनद बाबा साहब पहुंचकर नदियों के बढ़ते पानी की स्थिति देखी। नदी के किनारे बसे गांव के लोगों से संपर्क में रहने के निर्देश दिए थे। थाना पुलिस भी बढ़ते हुए पानी पर नजर बनाए हुए है। फिलहाल बीहड़ क्षेत्र के ग्रामीणों के चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती हैं। ब्लाक प्रमुख अजीत सिंह भी बुधवार को बाढ़ प्रभावित इलाकों को देखने पहुंचे और ग्रामीणों को हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया। (संवाद)
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ंबारिश से कई मकान धराशाई, मदद के प्रयास शुरू
रामपुरा। विकासखंड रामपुरा अंतर्गत ग्राम जगम्मनपुर में ग्रामीणों के कच्चे एवं पक्के मकान लगातार वर्षा के कारण धराशाई हो रहे हैं। ग्राम प्रधान प्रत्येक पीड़ित के घर जाकर नुकसान का जायजा ले रहे हैं और संभव मदद का आश्वासन दे रहे हैं। बता दें कि इस बार लगातार हो रही बारिश के कारण कई गरीब ग्रामीणों के आशियाने उजड़ गए। अनेक लोग खुले मैदान में प्लास्टिक या तिरपाल लगाकर अथवा टीन शेड में रहने को मजबूर हैं। ग्राम प्रधान प्रज्ञादीप गौतम ने बुधवार को जगम्मनपुर गांव में बारिश से गिर हुए घरों को देखा व पीड़ितों को मदद का भरोसा दिलाया। रोजगार सेवक बृजेश कुमार को निर्देशित किया कि सभी पीड़ितों की सूची बनाकर उनके फोटो समेत प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया जाए ताकि उन्हें आर्थिक मदद मिल सके। (संवाद)
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