उरई। कोरोना की तीसरी लहर की संभावना व्यक्त की जा रही है। इससे बचाव के लिए टीकाकरण मास्क और 2 गज की दूरी ही उपाय है। संक्रमण से बचाव के कई विकल्प होने के बावजूद भी इससे प्रभावित होने की संभावना है। ऐसे में संक्रमितों को अस्पताल में भर्ती होने की संभावना होगी। निजी अस्पतालों में उपचार के लिए काफी रुपये खर्च करने होते हैं। ऐसे में यदि लाभार्थी के पास आयुष्मान कार्ड होगा तो उसे कोरोना के लिहाज में काफी मदद मिलेगी।
आयुष्मान भारत योजना के जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉ आशीष कुमार झा का कहना है कि यदि लाभार्थी के पास आयुष्मान कार्ड होता है और वह कोरोना से प्रभावित है। ऐसे में यदि भर्ती करने की आवश्यकता पड़ती हैं तो आयुष्मान कार्ड उन परिवारों के लिए वरदान साबित हो सकता है। उन्होंने बताया कि आवश्यकता पड़ने पर आयुष्मान कार्ड बनवाने में समय व्यतीत करने से बेहतर है सभी लाभार्थी शीघ्र ही अपना-अपना आयुष्मान कार्ड बनाकर रखें। जिससे संक्रमित होने के पश्चात यदि किसी लाभार्थी को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता हो तो उसे आयुष्मान कार्ड का लाभ लिया जा सके।
उन्होंने बताया कि सभी नगरीय क्षेत्रों व ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष शिविर के माध्यम से आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उरई नगरी क्षेत्र में वार्ड संख्या 1 से 30 तक एक से 30 सितंबर तक विशेष शिविर का आयोजन आयुष्मान मित्र के माध्यम से किया जा रहा है। इसके अलावा जनसुविधा केंद्रों में भी आयुष्मान कार्ड निशुल्क बनाए जा रहे हैं।
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2011 की सूची में शामिल लाभार्थियों का बन रहे आयुष्मान कार्ड
डॉ आशीष ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थी एवं उनके परिवार के सभी सदस्यों का निशुल्क बनाए जा रहे हैं जिनका नाम सामाजिक आर्थिक एवं जातिगत आधारित जनगणना 2011 की सूची में शामिल है। लाभार्थी को अपने साथ प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री का पत्र, राशनकार्ड एवं परिवार के सभी सदस्यों के आधार कार्ड के साथ उपस्थित होना अनिवार्य है। ताकि बायोमेट्रिक के माध्यम से उनका आयुष्मान कार्ड बनाया जा सके। जन सुविधा केंद्रों पर केवल उन्हीं का आयुष्मान कार्ड बनाया जाएगा जिनका नाम सूची में शामिल है, परिवार के अन्य सदस्य जैसे 2011 के बाद की नई बहू और 2011 के बाद जन्म लिए हुए बच्चों का नाम इस योजना में जोड़ा जा सकता है यदि उनके पिता अथवा पति का नाम पूर्व से ही इस योजना में सम्मिलित है और उनका आयुष्मान कार्ड बनाया जा चुका है। नई बहू व नए बच्चों का नाम केवल पंजीकृत अस्पतालों में ही परिवार के अन्य सदस्यों के साथ जोड़ा जा सकता है। इसके अलावा किसी भी अन्य व्यक्ति का नाम इस योजना के अंतर्गत जोडने का प्रावधान अभी नहीं है।
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-जनपद में कुल लाभार्थी परिवार 105042
-अब तक 43.6 प्रतिशत परिवारों को दिया जा चुका है आयुष्मान कार्ड
-अब तक कुल 8970 लाभार्थियों का हुआ है उपचार
-कोरोना संक्रमित 118 लाभार्थियों का मेडिकल कॉलेज में हुआ है निशुल्क उपचार