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खत्म होगी चौकी, कालपी में बनेगा जीआरपी थाना

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कालपी रेलवे स्टेशन पर बनी जीआरपी चौकी। - फोटो : ORAI
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उरई। सालों पुरानी कालपी स्टेशन की जीआरपी चौकी जल्द ही थाने में तब्दील होगी। इसके बाद वहां एक कमरे वाली चौकी और चार सिपाही नहीं बल्कि हवालात, मुंशीयाना, प्रभारी कक्ष और भारी भरकम फोर्स भी नजर आएगी। थाना बनते ही यात्रियों को ट्रेनों और रेलवे स्टेशन पर घटित घटनाओं के लिए उरई जीआरपी की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। घटनाओं की न सिर्फ एफआईआर ही कालपी में हो सकेगी बल्कि स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था में भी इजाफा होगा। रेलवे एसपी मनोज कुमार झा का कहना है कि एडीजी रेलवे के माध्यम से थाने का पूरा प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया गया है। जल्द ही स्वीकृति भी मिल जाएगी, इसके बाद निर्माण कार्य चालू करा दिया जाएगा।
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झांसी-कानपुर रेलवे ट्रैक का दोहरीकरण तेजी से चल रहा है। इसके चलते इस रूट पर न सिर्फ ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि रेल सुविधाओं के साथ मुसाफिरों की संख्या भी बढ़ेगी। ऐसे में होने वाली आपराधिक वारदातों को तत्काल कार्रवाई के लिए जीआरपी ने चौकी और थानों को अपग्रेड करने का फैसला लिया है। इसके तहत कालपी जीआरपी चौकी को थाने में तब्दील किया जाएगा। मनोज कुमार झा ने बताया कि इसका प्रस्ताव एडीजी रेलवे संजय सिंघल ने मांगा था। उन्होंने अपनी संस्तुति शासन को भी भेज दी है। अब जल्द यहां चौकी के स्थान पर थाना शुरू होगा। कालपी चौकी के थाने में तब्दील होने के बाद जनपद जालौन के आटा उसरगांव और जनपद कानपुर देहात के चौरा तथा पुखरायां स्टेशन इसके अंतर्गत आ जाएंगे।
एक थानाध्यक्ष, चार दरोगा, दो मुंशी, पांच महिला कांस्टेबल समेत तीस सिपाही, फालोअर और सफाई कर्मचारी की तैनाती होगी। वाहन सुविधा मिलेगी। कंप्यूटरीकृत मुकदमे दर्ज होंगे, वायरलेस सिस्टम भी सक्रिय हो जाएगा। सीसीटीवी कैमरे और वाई-फाई सुविधा भी शुरू हो जाएगी। चौकी के स्थान पर नई थाना बिल्डिंग बनेगी, जिसमें बैरक, मालखाना, पुरुष और महिला बंदीगृह बनाए जाएंगे।
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जीआरपी थानाध्यक्ष ब्रजमोहन सैनी ने बताया कि चिरगांव में नई पुलिस चौकी बनाने का भी प्रस्ताव भेजा गया है। उरई से चिरगांव की दूरी 80 किलोमीटर होने के कारण समय से पहुंचने में दिक्कत होती है। रेलवे ट्रैक दोहरीकरण के बाद जिम्मेदारी भी बढ़ जाएगी। ऐसे में यात्रा सुविधा और कानून व्यवस्था के लिए चिरगांव में पुलिस चौकी बनाने का प्रस्ताव है।
आरपीएफ थानाध्यक्ष राजीव उपाध्याय का कहना है कि झांसी-कानपुर रूट पर उरई के अलावा भीमसेन में भी थाना है। इसके अलावा कालपी में स्थाई व पुखरायां में अस्थाई पुलिस चौकी है। जबकि आरपीएफ के तहत उरई व भीमसेन में थाना, मोंठ, पुखरायां, एट में पुलिस चौकियां है। भीमसेन जीआरपी थाने का एरिया कानपुर के झकरकटी व घाटमपुर तक है।
प्रभारी एसपी मनोज कुमार का कहना है कि काफी समय से इलाकाई लोगों की ओर से जीआरपी थाने की आवश्यकता बताई जा रही थी। इस पर विभागीय निरीक्षण भी किया गया। इसके बाद पूरा प्रस्ताव तैयार कराया गया। सब कुछ ठीक रहा तो दो तीन माह के बाद से थाने का निर्माण कार्य भी शुरू हो जाएगा।
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