उरई। शहर के बीचोंबीच बिल्डिंग में आग लग गई। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस व फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद लगभग दो घंटे में आग पर काबू पाया। तब तक गृहस्थी का लाखों रुपये का सामान व मकान जल गया। मुख्य मार्ग पर बिल्डिंग होने से सड़क पर लोगों की भारी भीड़ जमा रही। पुलिस ने आसपास के मकानों को खाली करवा दिया। आग की ऊंची लपटें देख आसपास के लोगों की सांसें थमीं रहीं और लोग आग बुझाने का हर प्रयास करते रहे। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। फिलहाल आग का कारण शार्ट सर्किट माना जा रहा है।
शहर के मोहल्ला रामनगर स्थित महिला थाने के सामने रहने वाले पूर्व विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट केके रावत के मकान में सोमवार शाम चार बजेे दूसरी मंजिल में आग लग गई। पूर्व मजिस्ट्रेट के बेटे मून्नू रावत व रामू रावत के कमरों से शुरू हुई आग ने देखते ही देखते विकराल रुप धारण कर लिया। कमरों की खिड़की व दरवाजों से आग की ऊंची ऊंची लपटें व धुएं का गुबार देख पास पड़ोस के लोग भी सड़क पर आ गए। लोगों ने इसकी सूचना कोतवाली पुलिस व फायर ब्रिगेड को दी। सूचना पाकर सीओ संतोष कुमार, कोतवाल शिवगोपाल वर्मा भारी पुलिस फोर्स के साथ पहुंच गए। दमकल की एक गाड़ी भी मौके पर पहुंची और आग बुझाने में जुट गई।
आग इतनी भीषण थी कि दमकल गाड़ी का पानी खत्म हो गया मगर आग की लपटें कम नहीं हुई। लपटें तेज होती देख सीओ ने जेनरेटर मंगवाकर घर में लगे सबमर्सिबल पंप से पानी चलाकर आग बुझाई। वहीं सड़क पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। जिसे पुलिस को कई बार खदेड़ना पड़ा। लोगों ने मकान के चारों ओर सीढ़ी लगाकर दूसरी मंजिल पर लगी आग बुझाने का प्रयास किया। लगभग दो घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक घर में रखा फ्रिज, एसी, मोबाइल, टीवी, गद्दे, बैड, सोफा सहित गृहस्थी का सभी सामान व खिड़की दरवाजे जलकर खाक हो गए। आग से लगभग पांच लाख रुपये का नुकसान बताया जा रहा है। घटना के समय घर के लोग मौजूद नहीं थे।
एक ही गाड़ी होने से हुआ नुकसान
रामनगर में लगी भीषण आग की सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी का पानी कुछ ही देर में खत्म हो गया और आग की लपटें बढ़ती गई। जब तक गाड़ी पानी लेकर दोबारा आई तब तक गृहस्थी का समान जलकर राख हो चुका था। इलाकाई लोगों ने दमकल की जर्जर हालत पर रोष जताया है।
सिलिंडर के कारण दहशत में रहे लोग
घर की पहली मंजिल में रखे कई गैस सिलिंंडरों से मकान मालिक व आस पड़ोस के लोगों की सांसें थमीं रहीं कि अगर कहीं सिलिंंडरों में आग लग गई तो बड़ा हादसा हो सकता है। सीओ, कोतवाल ने पुलिस फोर्स की मदद से घर के नीचे वाले हिस्से में रखे सिलिंंडरों को बाहर निकलवाया। तब कहीं लोगों की जान में जान आई।