उरई। यूपी बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की तैयारियां जोरों पर हैं। मूल्यांकन के लिए राजकीय इंटर कॉलेज, सनातन धर्म इंटर कॉलेज और गांधी इंटर कॉ लेज को केंद्र बनाया गया है। डीआईओएस ने बताया कि केंद्र व्यवस्थापकों को जिम्मेदारी दी गई है कि मूल्यांकन की सुविधाएं दुरुस्त रखें।
डीआईओएस भगवत पटेल ने बताया कि बोर्ड के दिशा-निर्देश पर मूल्यांकन केंद्रों के मूल्यांकन कक्षों की व्यवस्थाएं दुरुस्त करने को कहा गया है। हालांकि अभी मूल्यांकन की तिथि निर्धारित नहीं हुई है, लेकिन बोर्ड के आदेश हैं कि 21 अप्रैल तक व्यवस्थाएं दुरुस्त कर लीं जाएं। केंद्र पर परीक्षकों के लिए शुद्ध पेयजल, फर्नीचर, शौचालय और बिजली व्यवस्था चुस्त दुरुस्त की जाए।
इस बार मूल्यांकन सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होगा। लिहाजा सीसीटीवी कैमरे 24 घंटे क्रियाशील रहें। बताया कि राजकीय इंटर कॉलेज को मूल्यांकन का मुख्य केंद्र बनाया गया है, जिससे तीनों मूल्यांकन केंद्र जुड़े रहेंगे। तीनों मूल्यांकन केंद्रों का निरीक्षण मंडलीय और राज्यस्तरीय कंट्रोल रूम से भी होगा। सभी केंद्रों पर कंट्रोल रूम भी बनाया जाएगा। इसमें माइक की भी व्यवस्था करनी होगी ताकि मूल्यांकन कक्षों तक कोई भी सूचना प्रसारित की जा सके।
बताया कि मूल्यांकन केंद्रों के मुख्य द्वार पर एक बैनर लगाना होगा, जिसमें मुख्यमंत्री व शिक्षामंत्री के चित्र हों। इसके अलावा विद्यालय के नाम के साथ कंट्रोल रूम प्रभारी और प्रधानाचार्य का मोबाइल नंबर भी दर्ज होगा। बताया कि मूल्यांकन की व्यवस्थाओं के लिए जीआईसी के प्रधानाचार्य रमेश चंद्र वर्मा को नोडल बनाया गया है। उनके सहयोग के लिए प्रवक्ता जितेंद्र राजपूत व कुलदीप गुप्ता को लगाया गया है।
मूल्यांकन केंद्र पर बनेगी हेल्प डेस्क
मूल्यांकन केंद्र पर एक हेल्प डेस्क भी बनाई जाएगी। इसमें सैनिटाइजर, थर्मल स्क्रीनर, पल्स ऑक्सीमीटर, मास्क और फर्स्ट एड बाक्स होगा साथ ही परीक्षकों की आवक जावक के लिए रजिस्टर भी रखा जाएगा। इसमें उनका ब्योरा दर्ज होगा।
ऑनलाइन ड्यूटी और आनलाइन ही भुगतान
डीआईओएस ने बताया कि इस बार मूल्यांकन केंद्र पर परीक्षकों की ड्यूटी ऑनलाइन लगाई जा रही है। परीक्षकों के बायोडाटा के साथ उनका बैंक अकाउंट भी ऑनलाइन लगाया जा रहा है। इतना ही नहीं परीक्षकों की रोजाना आने-जाने का ब्योरा भी ऑनलाइन दर्ज होगा। मूल्यांकन का काम भी ऑनलाइन फीड होगा। इसके अलावा अब परीक्षकों के खाते में सीधे मूल्यांकन की राशि भेज दी जाएगी।