उरई। शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला पटेल नगर निवासी उन्नति शर्मा ने शहर कोतवाली में पिता के बैंक खाते से 18 लाख रुपये ठगे जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस की साइबर क्राइम टास्क फोर्स टीम ने ठगी गई धनराशि वापस करा दी। इससे पीड़ित परिवार के चेहरे पर मुस्कान लौट आई।
शहर कोतवाली के पटेल नगर निवासी उन्नति शर्मा ने 26 नवंबर 2019 को शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि वह कानपुर में कोचिंग पढ़ रही थी। उसी कोचिंग में सौरभ निवासी नक्षत्र कालोनी ओल्ड संघवी पुणे आया और मेलजोल बढ़ाकर कहा कि वह एमबीबीएस में उसे प्रवेश दिला देगा। इसके बाद वह जून 2019 में वह उसके पिता से जालौन रोड स्थित एक होटल में मिला। उसने कहा कि उसे पुणे में फ्लैट लेना है, जिसकी कीमत 36 लाख रुपये है उसने 18 लाख रुपये उधार मांगे और दो माह बाद रुपये वापस करने का वादा किया।
पिता ने 28 जून 2019 को सौरभ के खाते में 99 हजार 996 रुपये भेज दिए। इसके बाद 19 जुलाई 19 को आरटीजीएस के माध्यम से 14 लाख रुपये उसके खाते में ट्रांसफर किए। इसके बाद कई बार में कुल 18 लाख रुपये उसे दे दिए। दो माह बीत जाने के बाद न तो सौरभ ने रुपये दिए और न ही उसका एमबीबीएस में प्रवेश दिलाया। उसके द्वारा दिया गया चेक भी फर्जी निकला। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू की थी।
साइबर क्राइम टीम ने युवती की 18 लाख रुपये की धनराशि वापस करा दी। विवेचक दिनेश चंद्र यादव, उपनिरीक्षक साइबर क्राइम रामप्रकाश ने बताया कि साइबर ठगों को कभी भी बैंक संबंधी जानकारी न दें। नौकरी लगवाने के झांसे में सीवीवी नंबर, एटीएम, ओटीपी, लाटरी वाली फर्जी कालो से सावधान रहें और ऐसे लोगों से कोई भी जानकारी साझा न करें। किसी के साथ भी साइबर ठगी होती है तो वह इसकी सूचना टोल फ्री नंबर 15527 व 112 पर काल कर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।