कानपुर देहात के राजपुर कस्बा निवासी मोहित द्विवेदी पुत्र स्वर्गीय केशव प्रसाद अगस्त 2018 से उरई रेलवे स्टेशन पर दरोगा पद पर कार्यरत हैं। दरोगा के पिता केशव प्रसाद भी सिविल पुलिस में हेड कांस्टेबल थे। उनकी मौत के बाद मोहित को मृतक आश्रित कोटे से नौकरी मिली थी। रात पौने एक बजे ड्यूटी के दौरान ही मोहित जीआरपी थाने के पीछे स्थित बैरक में पहुंचे और खुद को गोली मार ली।
दरोगा का सर्विस रिवाल्वर पास ही पड़ा मिला। घटना के समय बैरक में सिपाही अशोक कुमार भी सो रहा था। गोली की आवाज सुन अन्य सहकर्मी और जीआरपी इंस्पेक्टर बृजमोहन बैरक पहुंचे और खून से लथपथ दरोगा को जिला अस्पताल ले गए। यहां से हालत नाजुक देख झांसी मेडिकल कालेज, फिर लखनऊ रेफर कर दिया गया। पुलिस ने दरोगा के कमरे की गहन जांच करने के बाद ताला लगा दिया।
कुछ सहकर्मियों ने बताया कि वारदात से कुछ देर पहले दरोगा मोबाइल फोन पर बात कर रहे थे। वर्ष 2014 में मोहित के विरुद्ध कानपुर देहात के राजपुर कस्बे के एक व्यक्ति ने घर में बुरी नीयत से घुसकर मारपीट करने का भी मामला दर्ज कराया था। थाना पुलिस ने मोहित के विरुद्ध चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी। वर्तमान में न्यायिक मजिस्ट्रेट भोगनीपुर में मामला विचाराधीन है। इस समय में मोहित का परिवार कानपुर शहर में रह रहा है।