बैठक लेते प्रधान कुटुंब न्यायाधीश अमित पाल सिंह व अन्य न्यायिक अधिकारी।
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उरई। पारिवारिक न्यायालय की विशेष लोक अदालत में अधिकांश वादों के निस्तारण के लिए बुधवार को जिला दीवानी न्यायालय में अधिवक्ताओं के साथ समन्वय बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रधान कुटुंब न्यायाधीश अमित पाल सिंह ने पारिवारिक न्यायालय की प्री लिटिगेशन विशेष लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों को निस्तारित करने की बात कही। इसके लिए अधिवक्ता,अमध्यस्थ एवं परिवार न्यायालय के परामर्शदाताओं दिलचस्पी लेकर ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाभान्वित करें।
उन्होंने अधिवक्ताओं से कहा कि वैवाहिक विवादों को प्राथमिक स्तर पर समाप्त करने के लिए उन्हें प्री.लिटिगेशन के संबंध में अवगत कराए। ताकि ऐसे वादों को प्री.लिटिगेशन के स्तर पर निस्तारित किया जा सके। अपर कुटुंब न्यायाधीश अपर्णा शुक्ला ने अधिवक्ताओं से कहा कि वह वादकारियों को प्री लिटिगेशन के लिए प्रेरित करें तथा यथासंभव अधिक से अधिक वादकारियों को इससे परिचित कराएं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव रेनू यादव ने बताया कि वैवाहिक विवादों के समाधान के लिए आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत प्री लिटिगेशन विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसमें ऐसे वैवाहिक विवादों को स्वीकार किया जाएगा। जिनमें पति-पत्नी के मध्य किसी भी कारण से कोई विवाद उत्पन्न हुआ हो। पीड़ित वादकारी पति पत्नी जिला दीवानी न्यायालय परिसर में स्थापित हेल्प डेस्क पर संपर्क करके विधिक परामर्श एवं सहायता ले सकते हैं। प्रारंभिक स्तर पर ही अपने मामले के निस्तारण के लिए यहां प्रार्थनापत्र दे सकते हैं। इस दौरान जिला बार संघ अध्यक्ष सुरेश गौतम, सचिव जीतेंद्र यादव, अंबिका चरण चतुर्वेदी, रामलखन सिंह, हरीबाबू, सुलेखा सिंह, मनोज दीक्षित, कृष्ण कुमार प्रजापति आदि मौजूद रहे।