उरई। आगामी 11 दिसंबर को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारी के सिलसिले में मंगलवार को नोडल अधिकारी सुरेश चंद्र ने न्यायिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। कहा कि समन नोटिस भेजने में न बरते लापरवाही
नोडल अधिकारी ने न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि जो मामले नेशनल ज्यूडिशियल डाटा ग्रिड (एनजेडीजी) पर दर्ज है, मात्र वहीं मामले इस बार लोक अदालत में निस्तारित किए जाएंगे। ऐसी स्थिति में सभी न्यायिक अधिकारी उनके न्यायालयों में विचाराधीन मामलों में से ऐसे मामलों को तत्काल चिह्ति करके संबंधित पक्षकारों को अविलंब सूचित करें। ताकि न्यायालय से प्रेषित नोटिस समन की तामील समय पर हो सके। उन्होंने कहा कि अक्सर ऐसा देखने में आता है या तो न्यायालय से समन विलंब से प्रेषित किए जाते है। अथवा उनकी तामील समय से नहीं हो पाती। इस कारण प्रेषित किए गए समन नोटिस के सापेक्ष वादकारियों की उपस्थिति न्यायालय में कम हो पाती है। इसका प्रभाव निस्तारित मामलों की संख्या पर पड़ता है। लिहाजा न्यायिक अधिकारियों को इस तथ्य का संज्ञान लेते हुए इसे अपने स्तर पर मॉनीटर करें। उन्होंने कहा कि वादकारियों को सुलह समझौते के लिए प्रेरित करें और अधिक से अधिक प्रकरणों का निस्तारण करें। बैठक में एडीजे प्रकाश तिवारी,अंचल लवानिया,विजय बहादुर यादव, प्रशांत कुमार, सीजेएम अंजू राजपूत, पलाश गांगुली, रिचा अवस्थी, अभिषिक्ता यादव, रागिनी मिश्रा, सुभाष आदि न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे।