माधौगढ़। ग्राम न्यायालय से फौजदारी, घरेलू हिंसा से जुड़े मामलों की छह फाइलें गायब हो गई है। फाइलें गायब करने का आरोप न्यायालय में तैनात कर्मचारियों पर ही है। न्यायालय में तैनात लिपिक ने तीन कर्मचारियों के खिलाफ तहरीर दी है। सीओ शाहिदा नसरीन का कहना है कि मामला दर्ज करा दिया गया है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि माधौगढ़ में ग्राम न्यायालय की स्थापना अप्रैल 2020 में की गई थी। जिसमें दीपेंद्र सिंह, अवधेश गौतम व रामचंद सिहं एवं गजेंद्र सिंह चौहान कर्मचारियों की तैनाती की गई। ग्राम न्यायालय में तैनात कर्मचारी अवधेश गौतम, रामचंद सिंह व चौकीदार गजेंद्र चौहान ने नवंबर माह में मुंशी के साथ रात में शराब पीकर हुड़दंग किया था। इसकी शिकायत जिला जज से की गई थी। जिला जज ने तीन सदस्यीय टीम को सीएचसी में तैनात डाक्टर के टीम के साथ जांच करने के लिए भेजा था। जांच टीम को देख शराब में धुत तीनों कर्मचारियों भाग गए थे। जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट जिला जज को सौंपी थी। ग्राम न्यायालय में फौजदारी लिपिक दीपेंद्र सिंह को गवाह बनाकर कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया। निलंबित कर्मचारियों ने दीपेंद्र सिंह को गवाह न देने का दबाव बनाया। दीपेंद्र सिंह का आरोप है कि उसके द्वारा मना करने पर उक्त तीनों कर्मचारियों ने कार्यालय से फौजदारी, घरेलू हिंसा की सात फाइलें गायब कर दी। फाइल गायब देख गजेंद्र दंग रह गया। फौजदारी लिपिक दीपेंद्र सिंह ने ग्राम न्यायालय में तैनात बाबू अवधेश गौतम, रामचंद सिंह व चपरासी गजेंद्र चौहान के खिलाफ कोतवाली में मामला दर्ज करा दिया गया है। पुलिस जांच पड़ताल में जुट गई है।