उरई। जिला दीवानी न्यायालय में आयोजित लोक अदालत में 7575 वादों का निस्तारण किया गया। इसमें मोटर दुर्घटना वाहन प्रतिकर याचिका के 99 मामलों में पीड़ितों को 2.75 करोड़ रुपये की धनराशि क्षतिपूर्ति के रूप में दिलाई गई। बैंकों के 551 मामलों में बैंक एवं बकायेदारों के बीच समझौता कराकर 5.52 करोड़ रुपये की धनराशि जमा कराई गई। इस प्रकार करीब 1050 वादकारी लाभान्वित हुए। आपराधिक प्रकरणों में 5.33 लाख रुपये बतौर जुर्माना जमा कराया गया। इससे पहले जिला जज तरुण सक्सेना ने फीता काटकर दीप प्रज्ज्वलन के बाद न्यायालय परिसर मे पौधरोपण कर लोक अदालत का शुभारंभ किया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव रेनू यादव ने बताया कि जिला जज ने 58 मुकदमों का निस्तारण कर 2.04 करोड़ रुपये की धनराशि पक्षकारों को दिलाई। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी राजीव कुमार ने 99 याचिकाओं का निस्तारण किया गया। कुटुंब न्यायालयों में भी 73 मुकदमों का निस्तारण हुआ। अपर जिला जज बीडी भारती समेत समस्त अपर जिला न्यायाधीशों ने 234 मुकदमे निस्तारित किए। सीजेएम अंजू राजपूत ने 437 वादों का निस्तारण कर अर्थदंड जमा कराया। सिविल जज महेंद्र रावत ने 35 वादों का निस्तारण किया। गया। न्यायिक मजिस्ट्रेटों ने 131 मुकदमों का निस्तारण कर अर्थदंड अधिरोपित किया गया। कोंच के न्यायिक अधिकारी पलाश गांगुली, अभिषिकता यादव, जालौन के न्यायिक अधिकारी अर्नवराज चक्रवर्ती, नेहा राजन और कालपी दीवानी न्यायालय की न्यायिक अधिकारी रागिनी मिश्रा, सुभाष ने भी सहभागिता कर 433 वाद निस्तारित किए। ग्राम न्यायालय माधौगढ़ की न्यायाधिकारी श्वेता यादव द्वारा 202 वाद निस्तारित किए गए।
इंडियन बैंक, स्टेट बैंक, आर्यावर्त बैंक, बैंक ऑफ बडौदा, पीएनबी आदि बैंकों के बकाया ऋण के 551 मामलों में बैंक एवं बकायेदारों के समझौता कराते हुए धनराशि जमा कराई गई। इसके अतिरिक्त अपर जिला मजिस्ट्रेट, उप जिला मजिस्टे्रट, नगर मजिस्टे्रट और तहसीलदार न्यायालयों द्वारा राजस्व संहिता और फौजदारी के कुल 5316 मामले निस्तारित किए गए। इस दौरान प्रधान कुटुम्ब न्यायाधीश अमित पाल सिंह, न्यायाधीश अमृता शुक्ला, सुरेश चंद्र, बार संघ अध्यक्ष सुरेश गौतम एवं सचिव जितेंद्र यादव समेत अधिवक्ता मौजूद रहे।
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फोटो-20-कुकरगांव पंचायत पाठशाला में जानकारी देते अमित। संवाद
पाठशाला से सीखे पंचायत से जुड़े कार्य
कुकरगांव में लोगों ने सीखीं पंचायत की जानकारियां
संवाद न्यूज एजेंसी
उरई। पंचायत सशक्तिकरण अभियान के अंतर्गत ग्राम कुकरगांव में पंचायत की पाठशाला का आयोजन किया गया। जिसमें ग्रामीणों को ग्राम पंचायत से जुड़े कार्य व नियम सहित अन्य जरूरी विषयों की जानकारी दी गई। एक दिवसीय इस कार्यक्रम में पंचायत विशेषज्ञों द्वारा ग्रामीणों के प्रश्नों के उत्तर भी दिए गए।
कुकरगांव में आयोजित पंचायत की पाठशाला में ग्राम पंचायत सशक्तिकरण संस्थान के निदेशक तथा पंचायती राज मास्टर ट्रेनर अमित इतिहास ने ग्राम सभा की बैठककी। उन्होंने ग्राम सभा के अधिकारों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वैसे तो साल में दो बार ग्राम सभा की बैठक आयोजित करने का नियम है। पहला रबी की फसल के बाद और दूसरी बैठक खरीफ की फसल के बाद। पर विशेष ग्रामसभा कभी भी बुलाई जा सकती है। ग्राम सभा के सदस्यों को भी नियमानुसार ग्राम सभा की बैठक बुलाये जाने के लिए प्रयास करने का अधिकार है। राज्य स्तरीय प्रशिक्षक सुल्तान मेहंदी ने ग्राम पंचायत और पंचायत की छह स्थायी समितियों पर विस्तृत जानकारी दी। पंचायत सशक्तिकरण अभियान के संयोजक राजीव दुबे ने सोशल ऑडिट के साथ ग्राम पंचायत विकास योजना के बारे में बताया। कार्यक्रम में ग्रामीणों को शपथ दिलाई गई कि वह ग्राम के कार्यों में सहभागिता करेंगे और सरकारी सम्पति की सुरक्षा करेंगे। इस दौरान मो निजाम, सतीश, संजय बबेले, सोबरन सिंह, रामसिया चौबे, कपिल गोस्वामी आदि मौजूद रहे।