उरई। टोल टैक्स बढ़ने के साथ ही रोडवेज का किराया भी बढ़ गया है। हर टोल पर एक से दो रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इससे झांसी कानपुर जाने वाली यात्रियों को दो से चार रुपये किराया अधिक देना होगा। हालांकि अभी मशीनों में किराये की फीडिंग नहीं हुई है, जिसके चलते दिक्कत हो रही है। किराये की फीडिंग के साथ ही नए सिरे से किराया वसूला जाएगा।
एक अप्रैल से टोल टैक्स में बढ़ोतरी हो गई है। इसका असर रोडवेज के किराये पर भी पड़ा है। हालांकि जिस रूट पर टोल प्लाजा नहीं है, वहां पर किराये में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। जैसे उरई से राठ, उरई से महोबा, उरई से औरैया जैसे मार्ग पर टोल नहीं है। जिसकी वजह से इन रूटों पर किराया नहीं बढ़ाया गया है। इसके अलावा झांसी, कानपुर, लखनऊ, इटावा, दिल्ली से मार्गों पर किराये में बढ़ोतरी हुई है।
सहायक रोडवेज प्रबंधक केसरीनंदन चौधरी ने बताया कि टोल की दरों में बढ़ोतरी हुई है। झांसी कानपुर मार्ग पर चार टोल प्लाजा है। बाराजोड़ पर पहले 480 रुपये टोल लगता था, जो अब बढ़कर 530 हो गया है। इसी तरह आटा टोल पर 300 रुपये लगता था, जो बढ़कर 340 हो गया है। एट में 350 रुपये टोल लगता था, जो बढ़कर 385 हो गया है। सेमरी में 355 रुपये टोल लगता था जो बढ़कर 390 रुपये हो गया है। टोल में हुई बढ़ोतरी का असर रोडवेज के किराये पर भी पड़ा है। इसमें एक से दो रुपये की बढ़ोतरी हुई है।
मार्ग का नाम पूर्व का किराया वर्तमान किराया
उरई झांसी 150 152
उरई कानपुर 157 161
उरई लखनऊ 269 274
उरई इटावा 155 156
उरई दिल्ली 534 540
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गोरखपुर से नावली बस का नदीगांव तक हों विस्तार
कोंच। नदीगांव कस्बे के लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि नदीगांव तक एक भी रोडवेज बस न आने से इलाकाई लोगों को सरकारी सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उनका कहना है कि गोरखपुर जाने वाली जो रोडवेज बस नावली तक आ रही उसे नदीगांव तक बढ़ाया जाए। कस्बे के जागरूक लोगों ने क्षेत्रीय प्रबंधक व अन्य उच्चाधिकारियों से बातचीत भी की और लिखित रूप से मांगपत्र भी दिया। नावली से गोरखपुर के लिए जो रोडवेज की बस चलाई जा रही है। यदि उसे केवल नौ किलोमीटर और बढ़ाकर नदीगांव से कर दिया जाए तो क्षेत्र के लोगों को इसका अपेक्षित लाभ मिलेगा और सरकार के राजस्व में भी वृद्धि होगी। मांगपत्र देने वालों में डॉ. शुभम मिश्रा, माताप्रसाद जारोलिया, नंदलाल चौरसिया, नीलेश, पवन, अंकित गुबरेले, हरिओम शामिल थे। (संवाद)