दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के अनुसार डॉ. जागृति सिंह नौकरानियों खासकर मीना के साथ सांसद धनंजय के साथ अवैध संबंध होने की बात कहकर ताना देती थी और मारपीट करती थी।
नई दिल्ली जिला उपायुक्त एसबीएस त्यागी ने बताया कि जागृति नौकरानियों को सांसद से अवैध संबंध होने का ताना देती थी। अस्पताल में भर्ती मीना ने अपने बयान में कहा है कि भाभीजी उसे जब भी मारती थीं तो ताना देती थीं कि उसके सांसद से अवैध संबंध हैं।
मीना का ये भी कहना है कि उसने राखी को कभी अवैध संबंधों का ताना देते हुए नहीं सुना।
वहीं, जागृति ने जब नौकरानी राखी की पीट-पीटकर हत्या कर दी तो उसकी जानकारी उस समय जौनपुर में मौजूद सांसद पति धनंजय सिंह को घटना की जानकारी दी थी। इस पर सांसद ने जागृति को कहा था कि वह उसका मामला है और खुद ही निपटे।
इस पर जागृति ने सांसद को देख लेने की धमकी दी थी और जल्द ही दिल्ली पहुंचने के लिए कहा था। सांसद धनंजय सिंह ने पूछताछ में बताया कि उसे लगा कि अगर वह दिल्ली नहीं पहुंचा तो जागृति उसके बेटे को मार सकती है। इस आशंका के चलते वह फ्लाइट से दिल्ली पहुंचे।
सांसद का कहना है कि उसने दिल्ली पहुंचकर साक्ष्य नहीं मिटाए। वह डीवीआर को आवास नंबर 126 में इसलिए ले गया कि वह पुलिस को दे सके। डीवीआर कोडिंग के बारे में सांसद का कहना है कि उसको जागृति ने खराब की है। कई बार बदलने से कोडिंग खराब हो गई।
सांसद ने पूछताछ में बताया कि उसने डीवीआर से सीसीटीवी फुटेज डिलीट नहीं किए हैं। अगर दिल्ली पुलिस सांसद के खुलासे पर विश्वास करें तो सीसीटीवी फुटेज मिलना पुलिस के पास जागृति के खिलाफ बड़ा सबूत हाथ लग जाएगा।
नई दिल्ली जिला पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सांसद पूछताछ में सहयोग कर रहे हैं। सांसद धनंजय सिंह ने कोर्ट में तलाक की जो अर्जी दाखिल की है उसमें कहा है कि डॉ. जागृति उसे खुदकुशी करने की धमकी देती थी। जब जागृति को डॉक्टर के पास ले जाने के बात कही तो जागृति ने खुदकुशी करने की धमकी दी थी।
धनंजय ने खुद को अविवाहित बताया था
सांसद धनंजय सिंह ने जागृति सिंह से तलाक के लिए जो अर्जी दाखिल की है उसमें खुद को अविवाहित बताया है, जबकि जागृति से शादी करने के समय शादीशुदा थे। उनकी पहली पत्नी की मौत हो गई थी। धनंजय की जागृति से 29 जून, 2009 को शादी हुई थी।