दो केस इस बात की तस्दीक भी कर रहे हैं कि हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा के जरिए मां को कोरोना पॉजिटिव होने से बचा लिया गया। बीआरडी के प्राचार्य डॉ गणेश कुमार ने बताया कि बच्चों को कोई दवा नहीं दी गई। मां का दूध ही उनके लिए सबसे बड़ी दवा थी।
लेकिन, चुनौती मां को कोरोना पॉजिटिव होने से बचाना था। इस पर मासूमों की मां को हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा दी गई। साथ ही सुरक्षा के सारे इंतजाम भी मुहैया कराए गए। अब तक यह दवा काफी हद तक कारगार साबित हुई है।
आरएमआरसी निदेशक डॉ रजनीकांत ने बताया कि डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा खाने के निर्देश आईसीएमआर ने दिए हैं। अब तक दवा खाने के परिणाम अच्छे आए हैं। लेकिन, डॉक्टरों की सलाह के बिना इस दवा का सेवन बिल्कुल न करें।