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यूपी: ब्लड बैंक में मिला एचआईवी पॉजीटिव खून

Wed, 17 Jul 2013 09:30 AM IST
लखनऊ/ज्ञान सक्सेना
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राजधानी में ब्लड बैंक के नाम पर मोटी कमाई करने वाले लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने से बाज नहीं आ रहे हैं।
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ऐसे ब्लड बैंकों के संचालन पर लगाम कसने के लिए चलाए गए विशेष अभियान में करीब डेढ़ दर्जन ब्लड बैंकों में खामियां उजागर हुईं हैं।

जांच के दौरान एक ब्लड बैंक के स्टोर में तो एक्सपायरी डेट व एचआईवी पॉजीटिव ब्लड के पैकेट देखकर जांच टीम में शामिल विशेषज्ञ भी हैरान रह गए।

कई बड़े हॉस्पिटल भी हुए फेल
जांच के दौरान बलरामपुर अस्पताल, सिविल अस्पताल व डॉ. आरएमएल संयुक्त जिला अस्पताल के ब्लड बैंक भी मानकों पर खरे नहीं उतरे।

खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन (एफएसडीए), यूपी स्टेट एड्स कंट्रोल सोसायटी (साको) व भारत सरकार के केंद्रीय ड्रग कंट्रोलर द्वारा नामित अधिकारियों की संयुक्त टीम ने बीते माह शहर में सरकारी व प्राइवेट स्तर पर संचालित 21 ब्लड बैंकों की जांच पड़ताल की।

इसमें केंद्रीय टीम ने सिर्फ लाइसेंस का नवीनीकरण कराने के लिए आवेदन करने वाले ब्लड बैंकों का निरीक्षण किया। बाकी ब्लड बैंकों की जांच एफएसडीए व साको की संयुक्त टीम ने केजीएमयू व पीजीआई के विशेषज्ञों की मौजूदगी में की।
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बिक रहा था एक्सपायरी ब्लड
आलमबाग के पटेल नगर में संचालित मॉडर्न पैथोलॉजी व ब्लड बैंक के निरीक्षण के दौरान खामियों को देख जांच टीम में शामिल सभी लोग दंग रह गए।

निरीक्षण में शामिल केजीएमयू के एक विशेषज्ञ ने बताया कि उक्त ब्लड बैंक के स्टोर से प्लास्टिक के थैले में पैक एक्सपायरी व एचआईवी संक्रमित ब्लड मिला। इन्हें सही तरीके से निस्तारित करने का भी कोई इंतजाम नहीं था।

इतना ही नहीं, यहां डोनर से मिला ब्लड मानक के तहत सुरक्षित तरीके से रखे जाने की व्यवस्था भी दुरुस्त नहीं थी। ब्लड देने वाले व खरीदने वालों का रिकॉर्ड ब्लड बैंक संचालक कई बार मांगने पर भी उपलब्ध नहीं करा पाए।

इसी तरह खून के काले धंधे में आरोपित अलीगंज स्थित कोहली ब्लड बैंक का संचालन भी बिना ट्रेंड स्टाफ व बिना मानकों के होते मिला।

लाइसेंस हुआ निरस्त
जांच टीम में शामिल सभी लोगों की सहमति के आधार पर उक्त दोनों ही ब्लड बैंकों का लाइसेंस निरस्त कर इनके संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।

जिला औषधि निरीक्षक संजय कुमार ने बताया कि शहर में ब्लड बैंकों के संचालन में मनमानी रोकने व तय मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए शासन के निर्देश पर यह जांच अभियान चलाया गया।
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नवीनीकरण पर लगा रोक
ब्लड बैंक लाइसेंस के नवीनीकरण का आवेदन करने वाले करीब आधा दर्जन ब्लड बैंकों में भी निरीक्षण के दौरान तय मानकों की अनियमितता मिली। निरीक्षण दल ने इंदिरानगर के शेखर ब्लड बैंक एंड कंपोनेंट सेंटर सहित आधा दर्जन अस्पतालों में पर्याप्त सुविधा न होने की वजह से नवीनीकरण पर रोक लगा दी।

इन ब्लड बैंकों का दोबारा निरीक्षण करने के लिए ही लाइसेंस के नवीनीकरण पर विचार किया जाएगा
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