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यूपी: जबरन शादी कराने के लिए दूल्हा उठा ले गए दारोगा जी!

Wed, 17 Jul 2013 08:52 AM IST
इलाहाबाद/ब्यूरो
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उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में शादी करवाने के लिए भी ऐसे पैंतरे आजमाए जा सकते हैं, यह जानकार कोई भी हैरत में पड़ जाएगा।
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अगर होलागढ़ के दहियांवा निवासी राजाराम की शिकायत सही है तो पुलिस की मिलीभगत से उसके लड़के को इसलिए फंसाया गया ताकि वह एक लड़की से शादी कर ले।

पहले पुलिस उसे लड़की को भगाने के आरोप में घर से उठा ले गई फिर उस लड़की की सुपुर्दगी लड़के को जबरन दे दी गई। इतना ही नहीं इस दौरान पुलिस ने भुक्तभोगी से 21 हजार रुपये भी ऐंठे।

राजाराम ने इन शिकायतों के साथ 156(3) में सीजेएम के समक्ष प्रार्थनापत्र दिया है। सीजेएम ने उसके प्रार्थनापत्र पर संज्ञान लेते हुए एसओ मऊआइमा मनोज राय, एसआई उमाशंकर सिंह और एक आरक्षी सहित पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश होलागढ़ थाने को दिया है।
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प्रार्थनापत्र के मुताबिक राजाराम के घर पर 13 अप्रैल 2013 को मऊआइमा एसओ मनोज राय, एसआई उमाशंकर सिंह और एक कांस्टेबल ने दबिश दी। इन लोगों ने जाति सूचक गालियां देकर राजाराम के लड़के रंजीत के बारे में पूछा।

उन्होंने कहा कि रंजीत के खिलाफ एफआईआर दर्ज है। एफआईआर की नकल मांगने पर उसे नहीं दिखाया और रंजीत को जबरन खींच ले गए। उन्होंने बताया कि इसने लड़की को भगाया है इसलिए ले जा रहे हैं।

राजाराम का आरोप है कि मऊआइमा थाने की पुलिस ने उससे रंजीत को छोड़ने के एवज में 50 हजार रुपये की मांग की। इतनी रकम का इंतजाम कर पाने में असमर्थता जाहिर करने पर उससे 21 हजार रुपये मांगे गए।
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राजाराम का कहना है कि उसने 21 हजार का इंतजाम करके दे दिया, इसके बावजूद रंजीत को नहीं छोड़ा गया। आरोप है कि लड़की के घरवालों की मिलीभगत से पुलिस ने लड़की की सुपुर्दगी रंजीत को करा दी जबकि लड़की भगाने में दर्ज मुकदमे में उसका नाम नहीं था।

लड़की के घरवाले जबरन उसकी शादी रंजीत कराना चाह रहे हैं। सीजेएम ने फिलहाल मुकदमा दर्ज कर जांच करने का निर्देश दिया है।
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