हाईकोर्ट ने संत शोभन सरकार द्वारा सोना खोजने की इजाजत मांगने संबंधी याचिका खारिज कर दी है।
कोर्ट ने कहा कि याचिका बलहीन है और इसमें ऐसा कोई कानूनी प्रावधान नहीं बताया गया है जिसके तहत जिलाधिकारी को खोदाई कराने का निर्देश दिया जाए। याचिका पर न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति विपिन सिन्हा की खंडपीठ ने सुनवाई की।
प्रदेश सरकार की ओर से याचिका का विरोध करते हुए कहा गया कि माइंस एंड मिनरल एक्ट में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि किसी व्यक्ति या संत के कहने पर डीएम किसी स्थान विशेष की खोदाई कराए।
शोभन सरकार ने इस बार फतेहपुर जिले के आदमपुर गांव में गंगा के किनारे 2500 टन सोना दबा होने का दावा करते हुए खोदाई की इजाजत मांगी थी। याची की ओर से भी इस बारे में कोई कानूनी प्रावधान नहीं बताया जा सका। याचिका खारिज कर दी गई।